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        <title>प्रकाशितवाक्य की किताब पर टिप्पणी और उपदेश - क्या मसीह विरोधी, शहादत, रेप्चर और हजार साल के राज्य का समय नज़दीक है? (II)</title>
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        <link>https://www.bjnewlife.org/hi/book/bookDetail.php?bidx=1622&amp;part=1</link>
        <description>आज कई मसीही महाक्लेश के पहले के रेप्चर पर विश्वास करते है। वे इस झूठे सिध्धांत पर विश्वास करते है जो उनको सिखाता है की सात साल के महाक्लेश से पहले उनको उठा लिया जाएगा उसके कारण, वे निष्क्रिय धार्मिक जीवन जीते है जोई उनको पल भर का आत्मसंतोष देता है।
लेकिन संतो का रेप्चर तो केवल सात तुरहियाँ की महामारी के बाद ही होगा जो छः महामारी तक चलता रहेगा – मसीह विरोधी वैश्विक महामारी में शामिल होगा और नया जन्म पाए हुए संत शहीद होंगे, और जब सातवीं तुरही फूंकी जाएगी तब रेप्चर होगा। यह वो समय है जब यीशु स्वर्ग में से निचे आएगा, और नया जन्म पाए हुए संतो का पुनरुत्थान और रेप्चर होगा (१ थिस्सलुनीकियों ४:१६-१७)।
इस दिन, दुनिया के सारे लोग अपने अनन्त भविष्य के मार्ग पर खड़े होंगे। धर्मी जन जो “पानी और आत्मा के सुसमाचार” पर विश्वास करने के द्वारा नया जन्म पाया है वह पुनरुत्थान पाएगा और उसका रेप्चर होगा, और ऐसे वह हजार साल के राज्य का और स्वर्ग के अनन्त राज्य का वारिस बनेगा, लेकिन पापी जिसने पहले पुनरुत्थान में हिस्सा नहीं लिया वह परमेश्वर के द्वारा उन्डेले गए सात कटोरे से शीक्षा पाएगा और उसे अनंतकाल के लिए नरक की आग में डाला जाएगा।
इसलिए, आपको अब सारे प्रकार के धार्मिक सिध्धांतो से और जगत के प्रलोभन और झूठी बातों से बहार आना चाहिए और परमेश्वर के सच्चे वचनों में प्रवेश करना चाहिए। मैं आशा करता हूँ और प्रार्थना करता हूँ की पानी और आत्मा के सुसमाचार पर लिखी मेरी किताबों की शृंखला को पढ़ने के द्वारा, आप अपने पापों से शुध्ध होने का और निडरता से हमारे प्रभु के दुसरे आगमन का स्वीकार करने की आशीष प्राप्त करो।</description>
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        <copyright>Copyright © 2022 by Hephzibah Publishing House</copyright>
        
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                <title>प्रकाशितवाक्य की किताब पर टिप्पणी और उपदेश - क्या मसीह विरोधी, शहादत, रेप्चर और हजार साल के राज्य का समय नज़दीक है? (II)</title>
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                <itunes:subtitle>आज कई मसीही महाक्लेश के पहले के रेप्चर पर विश्वास करते है। वे इस झूठे सिध्धांत पर विश्वास करते है जो उनको सिखाता है की सात साल के महाक्लेश से पहले उनको उठा लिया जाएगा उसके कारण, वे निष्क्रिय धार्मिक जीवन जीते है जोई उनको पल भर का आत्मसंतोष देता है।
लेकिन संतो का रेप्चर तो केवल सात तुरहियाँ की महामारी के बाद ही होगा जो छः महामारी तक चलता रहेगा – मसीह विरोधी वैश्विक महामारी में शामिल होगा और नया जन्म पाए हुए संत शहीद होंगे, और जब सातवीं तुरही फूंकी जाएगी तब रेप्चर होगा। यह वो समय है जब यीशु स्वर्ग में से निचे आएगा, और नया जन्म पाए हुए संतो का पुनरुत्थान और रेप्चर होगा (१ थिस्सलुनीकियों ४:१६-१७)।
इस दिन, दुनिया के सारे लोग अपने अनन्त भविष्य के मार्ग पर खड़े होंगे। धर्मी जन जो “पानी और आत्मा के सुसमाचार” पर विश्वास करने के द्वारा नया जन्म पाया है वह पुनरुत्थान पाएगा और उसका रेप्चर होगा, और ऐसे वह हजार साल के राज्य का और स्वर्ग के अनन्त राज्य का वारिस बनेगा, लेकिन पापी जिसने पहले पुनरुत्थान में हिस्सा नहीं लिया वह परमेश्वर के द्वारा उन्डेले गए सात कटोरे से शीक्षा पाएगा और उसे अनंतकाल के लिए नरक की आग में डाला जाएगा।
इसलिए, आपको अब सारे प्रकार के धार्मिक सिध्धांतो से और जगत के प्रलोभन और झूठी बातों से बहार आना चाहिए और परमेश्वर के सच्चे वचनों में प्रवेश करना चाहिए। मैं आशा करता हूँ और प्रार्थना करता हूँ की पानी और आत्मा के सुसमाचार पर लिखी मेरी किताबों की शृंखला को पढ़ने के द्वारा, आप अपने पापों से शुध्ध होने का और निडरता से हमारे प्रभु के दुसरे आगमन का स्वीकार करने की आशीष प्राप्त करो।</itunes:subtitle>
        <itunes:author>The New Life Mission</itunes:author>
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लेकिन संतो का रेप्चर तो केवल सात तुरहियाँ की महामारी के बाद ही होगा जो छः महामारी तक चलता रहेगा – मसीह विरोधी वैश्विक महामारी में शामिल होगा और नया जन्म पाए हुए संत शहीद होंगे, और जब सातवीं तुरही फूंकी जाएगी तब रेप्चर होगा। यह वो समय है जब यीशु स्वर्ग में से निचे आएगा, और नया जन्म पाए हुए संतो का पुनरुत्थान और रेप्चर होगा (१ थिस्सलुनीकियों ४:१६-१७)।
इस दिन, दुनिया के सारे लोग अपने अनन्त भविष्य के मार्ग पर खड़े होंगे। धर्मी जन जो “पानी और आत्मा के सुसमाचार” पर विश्वास करने के द्वारा नया जन्म पाया है वह पुनरुत्थान पाएगा और उसका रेप्चर होगा, और ऐसे वह हजार साल के राज्य का और स्वर्ग के अनन्त राज्य का वारिस बनेगा, लेकिन पापी जिसने पहले पुनरुत्थान में हिस्सा नहीं लिया वह परमेश्वर के द्वारा उन्डेले गए सात कटोरे से शीक्षा पाएगा और उसे अनंतकाल के लिए नरक की आग में डाला जाएगा।
इसलिए, आपको अब सारे प्रकार के धार्मिक सिध्धांतो से और जगत के प्रलोभन और झूठी बातों से बहार आना चाहिए और परमेश्वर के सच्चे वचनों में प्रवेश करना चाहिए। मैं आशा करता हूँ और प्रार्थना करता हूँ की पानी और आत्मा के सुसमाचार पर लिखी मेरी किताबों की शृंखला को पढ़ने के द्वारा, आप अपने पापों से शुध्ध होने का और निडरता से हमारे प्रभु के दुसरे आगमन का स्वीकार करने की आशीष प्राप्त करो।</itunes:summary>
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            <itunes:name>The New Life Mission</itunes:name>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch8-1. वह तुरहियाँ जो सात विपत्तियाँ की घोषणा करती है (प्रकाशितवाक्य ८:१-१३)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:17:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य ८ में उन विपत्तियों को दर्ज किया है जिन्हें परमेश्वर इस पृथ्वी पर लाएगा। यहां सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक यह है कि संतों को उन लोगों में शामिल किया जाएगा या नहीं जो इन विपत्तियों से पीड़ित होंगे। बाइबल हमें बताती है कि संत भी सात तुरहियों की विपत्तियों से गुजरेंगे। सात विपत्तियों में से, वे अंतिम विपत्ति को छोड़कर सभी से गुजरेंगी। इस अध्याय में प्रकट होने वाली सात तुरहियों की ये विपत्तियाँ वास्तविक विपत्तियाँ हैं जिन्हें परमेश्वर इस पृथ्वी पर लाएगा। परमेश्वर हमें बताता है कि वह संसार को उन विपत्तियों से दण्डित करेगा जो स्वर्गदूतों द्वारा सात तुरहियाँ फूंकने से शुरू होंगी।<br />वचन १: “जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में आधे घण्टे तक सन्नाटा छा गया।”<br />यह मनुष्यजाति पर परमेश्वर के क्रोध के उण्डेले जाने से ठीक पहले की शांति को दर्शाता है। परमेश्वर अपनी भयानक विपत्तियों को पृथ्वी पर लाने से पहले कुछ समय के लिए मौन रहेगा। यह हमें दिखाता है कि सात तुरहियों की उसकी विपत्तियाँ कितनी भयानक और भयंकर होंगी। जब मनुष्यजाति इन विपत्तियों से गुज़रने के बाद परमेश्वर के सामने खड़ी होगी तब जिन्होंने उद्धार पाया हैं उन्हें अनन्त जीवन मिलेगा, लेकिन जिन्होंने उद्धार नहीं पाया उन्हें अनन्त दंड मिलेगा। इस प्रकार, यह समझते हुए कि यह समय किस प्रकार का है, हमें जागते रहना चाहिए और प्रचारकों का कार्य करना चाहिए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य ८ में उन विपत्तियों को दर्ज किया है जिन्हें परमेश्वर इस पृथ्वी पर लाएगा। यहां सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक यह है कि संतों को उन लोगों में शामिल किया जाएगा या नहीं जो इन विपत्तियों से पीड़ित होंगे। बाइबल हमें बताती है कि संत भी सात तुरहियों की विपत्तियों से गुजरेंगे। सात विपत्तियों में से, वे अंतिम विपत्ति को छोड़कर सभी से गुजरेंगी। इस अध्याय में प्रकट होने वाली सात तुरहियों की ये विपत्तियाँ वास्तविक विपत्तियाँ हैं जिन्हें परमेश्वर इस पृथ्वी पर लाएगा। परमेश्वर हमें बताता है कि वह संसार को उन विपत्तियों से दण्डित करेगा जो स्वर्गदूतों द्वारा सात तुरहियाँ फूंकने से शुरू होंगी।वचन १: “जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में आधे घण्टे तक सन्नाटा छा गया।”यह मनुष्यजाति पर परमेश्वर के क्रोध के उण्डेले जाने से ठीक पहले की शांति को दर्शाता है। परमेश्वर अपनी भयानक विपत्तियों को पृथ्वी पर लाने से पहले कुछ समय के लिए मौन रहेगा। यह हमें दिखाता है कि सात तुरहियों की उसकी विपत्तियाँ कितनी भयानक और भयंकर होंगी। जब मनुष्यजाति इन विपत्तियों से गुज़रने के बाद परमेश्वर के सामने खड़ी होगी तब जिन्होंने उद्धार पाया हैं उन्हें अनन्त जीवन मिलेगा, लेकिन जिन्होंने उद्धार नहीं पाया उन्हें अनन्त दंड मिलेगा। इस प्रकार, यह समझते हुए कि यह समय किस प्रकार का है, हमें जागते रहना चाहिए और प्रचारकों का कार्य करना चाहिए।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[Ch8-2. क्या सात तुरही की विपत्तियाँ शाब्दिक है? (प्रकाशितवाक्य ८:१-१३)]]>
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                                            <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य ५ में सात मुहरों से मुहरबंद एक पुस्तक दिखाई देती है, जिसे यीशु ने ले लिया। इसका अर्थ यह था कि इस प्रकार यीशु को परमेश्वर का सारा अधिकार और सामर्थ सौंपी गई थी, और वह तब से परमेश्वर की योजना के अनुसार संसार का नेतृत्व करेगा। प्रकाशितवाक्य ८ इस सन्दर्भ के साथ खुलता है, “जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में लगभग आधे घंटे तक सन्नाटा रहा। और मैं ने उन सात स्वर्गदूतों को देखा जो परमेश्वर के साम्हने खड़े हैं, और उन्हें सात तुरहियां दी गई हैं।” यीशु इस प्रकार पुस्तक की सातवीं मुहर खोलता है, और हमें आने वाली चीजें दिखाता है।<br />अध्याय ८ हमें यह बताते हुए शुरू होता है कि सात तुरहियों की विपत्तियाँ पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं से शुरू होंगी। वचन ६ से आगे अध्याय सात तुरहियों की विपत्तियों के बारे में बात करता है जो इस संसार में लाई जाएंगी।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[Ch8-2. क्या सात तुरही की विपत्तियाँ शाब्दिक है? (प्रकाशितवाक्य ८:१-१३)]]>
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                <content:encoded>
                    <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य ५ में सात मुहरों से मुहरबंद एक पुस्तक दिखाई देती है, जिसे यीशु ने ले लिया। इसका अर्थ यह था कि इस प्रकार यीशु को परमेश्वर का सारा अधिकार और सामर्थ सौंपी गई थी, और वह तब से परमेश्वर की योजना के अनुसार संसार का नेतृत्व करेगा। प्रकाशितवाक्य ८ इस सन्दर्भ के साथ खुलता है, “जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में लगभग आधे घंटे तक सन्नाटा रहा। और मैं ने उन सात स्वर्गदूतों को देखा जो परमेश्वर के साम्हने खड़े हैं, और उन्हें सात तुरहियां दी गई हैं।” यीशु इस प्रकार पुस्तक की सातवीं मुहर खोलता है, और हमें आने वाली चीजें दिखाता है।<br />अध्याय ८ हमें यह बताते हुए शुरू होता है कि सात तुरहियों की विपत्तियाँ पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं से शुरू होंगी। वचन ६ से आगे अध्याय सात तुरहियों की विपत्तियों के बारे में बात करता है जो इस संसार में लाई जाएंगी।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य ५ में सात मुहरों से मुहरबंद एक पुस्तक दिखाई देती है, जिसे यीशु ने ले लिया। इसका अर्थ यह था कि इस प्रकार यीशु को परमेश्वर का सारा अधिकार और सामर्थ सौंपी गई थी, और वह तब से परमेश्वर की योजना के अनुसार संसार का नेतृत्व करेगा। प्रकाशितवाक्य ८ इस सन्दर्भ के साथ खुलता है, “जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में लगभग आधे घंटे तक सन्नाटा रहा। और मैं ने उन सात स्वर्गदूतों को देखा जो परमेश्वर के साम्हने खड़े हैं, और उन्हें सात तुरहियां दी गई हैं।” यीशु इस प्रकार पुस्तक की सातवीं मुहर खोलता है, और हमें आने वाली चीजें दिखाता है।अध्याय ८ हमें यह बताते हुए शुरू होता है कि सात तुरहियों की विपत्तियाँ पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं से शुरू होंगी। वचन ६ से आगे अध्याय सात तुरहियों की विपत्तियों के बारे में बात करता है जो इस संसार में लाई जाएंगी।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch9-1. अथाह कुंड की विपत्ति (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:16:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: जब पाँचवें स्वर्गदूत ने तुरही फूँकी, तो मैं ने स्वर्ग से पृथ्वी पर एक तारा गिरता हुआ देखा, और उसे अथाह कुण्ड की कुंजी दी गई।<br />कि परमेश्वर ने स्वर्गदूत को अथाह गड्ढे की कुंजी दी, इसका मतलब है कि उसने मनुष्य जाति पर नरक के रूप में एक भयानक विपत्ति लाने का फैसला किया। <br />अथाह गड्ढे को पाताल भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है अंतहीन गहराई का स्थान। पृथ्वी पर रहने वाले मसीह विरोधी, उसके अनुयायिओं और धर्मियों के विरुद्ध खड़े होने वालों को कष्ट पहुँचाने के लिए, परमेश्वर अथाह गड्ढे को खोलेगा। इस अथाह गड्ढे की कुंजी पांचवें स्वर्गदूत को दी गई है। यह एक भयानक विपत्ति है जो खुद नर्क की तरह भयावह है।<br />वचन २: उसने अथाह कुण्ड को खोला, और कुण्ड में से बड़ी भट्ठी का सा धुआँ उठा, और कुण्ड के धुएँ से सूर्य और वायु अन्धकारमय हो गए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: जब पाँचवें स्वर्गदूत ने तुरही फूँकी, तो मैं ने स्वर्ग से पृथ्वी पर एक तारा गिरता हुआ देखा, और उसे अथाह कुण्ड की कुंजी दी गई।कि परमेश्वर ने स्वर्गदूत को अथाह गड्ढे की कुंजी दी, इसका मतलब है कि उसने मनुष्य जाति पर नरक के रूप में एक भयानक विपत्ति लाने का फैसला किया। अथाह गड्ढे को पाताल भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है अंतहीन गहराई का स्थान। पृथ्वी पर रहने वाले मसीह विरोधी, उसके अनुयायिओं और धर्मियों के विरुद्ध खड़े होने वालों को कष्ट पहुँचाने के लिए, परमेश्वर अथाह गड्ढे को खोलेगा। इस अथाह गड्ढे की कुंजी पांचवें स्वर्गदूत को दी गई है। यह एक भयानक विपत्ति है जो खुद नर्क की तरह भयावह है।वचन २: उसने अथाह कुण्ड को खोला, और कुण्ड में से बड़ी भट्ठी का सा धुआँ उठा, और कुण्ड के धुएँ से सूर्य और वायु अन्धकारमय हो गए।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                    <![CDATA[Ch9-1. अथाह कुंड की विपत्ति (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch9-2. अंत के समय में साहसपूर्ण विश्वास रखे (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:15:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>सात तुरहियों की विपत्तियों में से, हम ने अभी ऊपर के भाग में पाँचवीं और छठी तुरहियों की विपत्तियों को देखा। पाँचवीं तुरही की आवाज टिड्डियों की विपत्ति है, और छठी तुरही फुरात नदी पर युद्ध की विपत्ति की घोषणा करती है।<br />सबसे पहले हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि क्या संत सात तुरहियों की इन विपत्तियों से गुजरेंगे या नहीं। यह सबसे पहली बात है जिसे हमें सुनना, जानना और विश्वास करना चाहिए।<br />क्या संत सात तुरहियों की विपत्तियों के बीच में स्वयं को पाएंगे? संत भी निश्चय ही खुद को इन विपत्तियों के बीच में पाएंगे। दुनिया के एक तिहाई जंगल जला दिए जाएंगे, एक तिहाई समुद्र और नदियां खून में बदल जाएंगी, और सूरज, चाँद और तारे काले पड जाएँगे और अपनी एक तिहाई रोशनी खो देंगे। यद्यपि पूरी दुनिया की प्रकृति का एक तिहाई या तो खून में बदल जाएगा या प्रकाश खो देगा, इसका मतलब यह भी है कि शेष दो-तिहाई फिर भी बने रहेंगे।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[सात तुरहियों की विपत्तियों में से, हम ने अभी ऊपर के भाग में पाँचवीं और छठी तुरहियों की विपत्तियों को देखा। पाँचवीं तुरही की आवाज टिड्डियों की विपत्ति है, और छठी तुरही फुरात नदी पर युद्ध की विपत्ति की घोषणा करती है।सबसे पहले हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि क्या संत सात तुरहियों की इन विपत्तियों से गुजरेंगे या नहीं। यह सबसे पहली बात है जिसे हमें सुनना, जानना और विश्वास करना चाहिए।क्या संत सात तुरहियों की विपत्तियों के बीच में स्वयं को पाएंगे? संत भी निश्चय ही खुद को इन विपत्तियों के बीच में पाएंगे। दुनिया के एक तिहाई जंगल जला दिए जाएंगे, एक तिहाई समुद्र और नदियां खून में बदल जाएंगी, और सूरज, चाँद और तारे काले पड जाएँगे और अपनी एक तिहाई रोशनी खो देंगे। यद्यपि पूरी दुनिया की प्रकृति का एक तिहाई या तो खून में बदल जाएगा या प्रकाश खो देगा, इसका मतलब यह भी है कि शेष दो-तिहाई फिर भी बने रहेंगे।
 
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                    <![CDATA[Ch9-2. अंत के समय में साहसपूर्ण विश्वास रखे (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch10-1. क्या आप जानते है की रेप्चर का समय कौनसा है? (प्रकाशितवाक्य १०:१-११)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:14:00 +0000</pubDate>
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                                            <![CDATA[<p>इस अध्याय का मुख्य आकर्षण वचन ७ में मिलता है: “वरन् सातवें स्वर्गदूत के तुरही फूँकने पर होने वाले शब्द के दिनों में परमेश्‍वर का गुप्‍त मनोरथ उस सुसमाचार के अनुसार जो उसने अपने दास भविष्यद्वक्‍ताओं को दिया, पूरा होगा।” दूसरे शब्दों में, रेप्चर इस समय घटित होगा।<br />वचन १: फिर मैं ने एक और शक्‍तिशाली स्वर्गदूत को बादल ओढ़े हुए स्वर्ग से उतरते देखा। उसके सिर पर मेघधनुष था। उसका मुँह सूर्य के समान और उसके पाँव आग के खंभे के समान थे।<br />अध्याय 10 में प्रकट होने वाला शक्तिशाली स्वर्गदूत परमेश्वर का कार्य करनेवाला है जो आने वाले उसके कार्यों की गवाही देता है। इस स्वर्गदूत की उपस्थिति यह दिखाने के लिए है कि परमेश्वर की महिमा और सामर्थ कितनी महान है। यह दिखाने के लिए भी है कि परमेश्वर इस संसार के समुद्रों को नष्ट कर देगा, और पवित्र लोगों को स्वर्ग में पुनरुत्थित और रेप्चर करेगा।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
                                    </description>
                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[इस अध्याय का मुख्य आकर्षण वचन ७ में मिलता है: “वरन् सातवें स्वर्गदूत के तुरही फूँकने पर होने वाले शब्द के दिनों में परमेश्‍वर का गुप्‍त मनोरथ उस सुसमाचार के अनुसार जो उसने अपने दास भविष्यद्वक्‍ताओं को दिया, पूरा होगा।” दूसरे शब्दों में, रेप्चर इस समय घटित होगा।वचन १: फिर मैं ने एक और शक्‍तिशाली स्वर्गदूत को बादल ओढ़े हुए स्वर्ग से उतरते देखा। उसके सिर पर मेघधनुष था। उसका मुँह सूर्य के समान और उसके पाँव आग के खंभे के समान थे।अध्याय 10 में प्रकट होने वाला शक्तिशाली स्वर्गदूत परमेश्वर का कार्य करनेवाला है जो आने वाले उसके कार्यों की गवाही देता है। इस स्वर्गदूत की उपस्थिति यह दिखाने के लिए है कि परमेश्वर की महिमा और सामर्थ कितनी महान है। यह दिखाने के लिए भी है कि परमेश्वर इस संसार के समुद्रों को नष्ट कर देगा, और पवित्र लोगों को स्वर्ग में पुनरुत्थित और रेप्चर करेगा।
 
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                    <![CDATA[Ch10-1. क्या आप जानते है की रेप्चर का समय कौनसा है? (प्रकाशितवाक्य १०:१-११)]]>
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                    <![CDATA[<p>इस अध्याय का मुख्य आकर्षण वचन ७ में मिलता है: “वरन् सातवें स्वर्गदूत के तुरही फूँकने पर होने वाले शब्द के दिनों में परमेश्‍वर का गुप्‍त मनोरथ उस सुसमाचार के अनुसार जो उसने अपने दास भविष्यद्वक्‍ताओं को दिया, पूरा होगा।” दूसरे शब्दों में, रेप्चर इस समय घटित होगा।<br />वचन १: फिर मैं ने एक और शक्‍तिशाली स्वर्गदूत को बादल ओढ़े हुए स्वर्ग से उतरते देखा। उसके सिर पर मेघधनुष था। उसका मुँह सूर्य के समान और उसके पाँव आग के खंभे के समान थे।<br />अध्याय 10 में प्रकट होने वाला शक्तिशाली स्वर्गदूत परमेश्वर का कार्य करनेवाला है जो आने वाले उसके कार्यों की गवाही देता है। इस स्वर्गदूत की उपस्थिति यह दिखाने के लिए है कि परमेश्वर की महिमा और सामर्थ कितनी महान है। यह दिखाने के लिए भी है कि परमेश्वर इस संसार के समुद्रों को नष्ट कर देगा, और पवित्र लोगों को स्वर्ग में पुनरुत्थित और रेप्चर करेगा।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[इस अध्याय का मुख्य आकर्षण वचन ७ में मिलता है: “वरन् सातवें स्वर्गदूत के तुरही फूँकने पर होने वाले शब्द के दिनों में परमेश्‍वर का गुप्‍त मनोरथ उस सुसमाचार के अनुसार जो उसने अपने दास भविष्यद्वक्‍ताओं को दिया, पूरा होगा।” दूसरे शब्दों में, रेप्चर इस समय घटित होगा।वचन १: फिर मैं ने एक और शक्‍तिशाली स्वर्गदूत को बादल ओढ़े हुए स्वर्ग से उतरते देखा। उसके सिर पर मेघधनुष था। उसका मुँह सूर्य के समान और उसके पाँव आग के खंभे के समान थे।अध्याय 10 में प्रकट होने वाला शक्तिशाली स्वर्गदूत परमेश्वर का कार्य करनेवाला है जो आने वाले उसके कार्यों की गवाही देता है। इस स्वर्गदूत की उपस्थिति यह दिखाने के लिए है कि परमेश्वर की महिमा और सामर्थ कितनी महान है। यह दिखाने के लिए भी है कि परमेश्वर इस संसार के समुद्रों को नष्ट कर देगा, और पवित्र लोगों को स्वर्ग में पुनरुत्थित और रेप्चर करेगा।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch10-2. क्या आप जानते है की संतों का रेप्चर कब होगा? (प्रकाशितवाक्य १०:१-११)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:14:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                    https://permalink.castos.com/podcast/49497/episode/1343263</guid>
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                                            <![CDATA[<p>आइए अब हम अपना ध्यान इस विषय की ओर मोड़ें कि रेप्चर कब होगा। बाइबल में ऐसे कई भाग हैं जो रेप्चर के बारे में बात करते है। नए नियम में कई भाग हैं जो इस पर चर्चा करते हैं, और ऐसा ही पुराना नियम भी है, जहां हम इसे देख सकते हैं, उदाहरण के लिए, एलिय्याह जो आग के रथ में स्वर्ग पर चढ़ गया, और हनोक जो परमेश्वर के साथ चला और उसके द्वारा उठा लिया गया। जैसा कि देखा जा सकता है, बाइबल कई जगहों पर रेप्चर की बात करती है। रेप्चर का अर्थ है ‘उठाना’। यह परमेश्वर के अपने लोगों को अपनी सामर्थ के द्वारा स्वर्ग में ऊपर उठाने के लिए संदर्भित करता है। <br />हालाँकि, बाइबल में जो सबसे अधिक उलझन भरा प्रश्न है वह है रेप्चर का प्रश्न है। परमेश्वर अपने लोगों को कब ऊपर उठाएगा? रेप्चर के समय का यह प्रश्न मसीही धर्म में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[आइए अब हम अपना ध्यान इस विषय की ओर मोड़ें कि रेप्चर कब होगा। बाइबल में ऐसे कई भाग हैं जो रेप्चर के बारे में बात करते है। नए नियम में कई भाग हैं जो इस पर चर्चा करते हैं, और ऐसा ही पुराना नियम भी है, जहां हम इसे देख सकते हैं, उदाहरण के लिए, एलिय्याह जो आग के रथ में स्वर्ग पर चढ़ गया, और हनोक जो परमेश्वर के साथ चला और उसके द्वारा उठा लिया गया। जैसा कि देखा जा सकता है, बाइबल कई जगहों पर रेप्चर की बात करती है। रेप्चर का अर्थ है ‘उठाना’। यह परमेश्वर के अपने लोगों को अपनी सामर्थ के द्वारा स्वर्ग में ऊपर उठाने के लिए संदर्भित करता है। हालाँकि, बाइबल में जो सबसे अधिक उलझन भरा प्रश्न है वह है रेप्चर का प्रश्न है। परमेश्वर अपने लोगों को कब ऊपर उठाएगा? रेप्चर के समय का यह प्रश्न मसीही धर्म में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है।
 
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                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch10-2. क्या आप जानते है की संतों का रेप्चर कब होगा? (प्रकाशितवाक्य १०:१-११)]]>
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                    <![CDATA[<p>आइए अब हम अपना ध्यान इस विषय की ओर मोड़ें कि रेप्चर कब होगा। बाइबल में ऐसे कई भाग हैं जो रेप्चर के बारे में बात करते है। नए नियम में कई भाग हैं जो इस पर चर्चा करते हैं, और ऐसा ही पुराना नियम भी है, जहां हम इसे देख सकते हैं, उदाहरण के लिए, एलिय्याह जो आग के रथ में स्वर्ग पर चढ़ गया, और हनोक जो परमेश्वर के साथ चला और उसके द्वारा उठा लिया गया। जैसा कि देखा जा सकता है, बाइबल कई जगहों पर रेप्चर की बात करती है। रेप्चर का अर्थ है ‘उठाना’। यह परमेश्वर के अपने लोगों को अपनी सामर्थ के द्वारा स्वर्ग में ऊपर उठाने के लिए संदर्भित करता है। <br />हालाँकि, बाइबल में जो सबसे अधिक उलझन भरा प्रश्न है वह है रेप्चर का प्रश्न है। परमेश्वर अपने लोगों को कब ऊपर उठाएगा? रेप्चर के समय का यह प्रश्न मसीही धर्म में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[आइए अब हम अपना ध्यान इस विषय की ओर मोड़ें कि रेप्चर कब होगा। बाइबल में ऐसे कई भाग हैं जो रेप्चर के बारे में बात करते है। नए नियम में कई भाग हैं जो इस पर चर्चा करते हैं, और ऐसा ही पुराना नियम भी है, जहां हम इसे देख सकते हैं, उदाहरण के लिए, एलिय्याह जो आग के रथ में स्वर्ग पर चढ़ गया, और हनोक जो परमेश्वर के साथ चला और उसके द्वारा उठा लिया गया। जैसा कि देखा जा सकता है, बाइबल कई जगहों पर रेप्चर की बात करती है। रेप्चर का अर्थ है ‘उठाना’। यह परमेश्वर के अपने लोगों को अपनी सामर्थ के द्वारा स्वर्ग में ऊपर उठाने के लिए संदर्भित करता है। हालाँकि, बाइबल में जो सबसे अधिक उलझन भरा प्रश्न है वह है रेप्चर का प्रश्न है। परमेश्वर अपने लोगों को कब ऊपर उठाएगा? रेप्चर के समय का यह प्रश्न मसीही धर्म में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है।
 
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch11-1. दो जैतून के पेड़ और दो भविष्यवक्ता कौन है? (प्रकाशितवाक्य ११:१-१९)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:13:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य ११ का वचन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जैसा कि परमेश्वर का पूरा वचन है। संसार को नष्ट करने के लिए, एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसे परमेश्वर को पहले करने की आवश्यकता है। यह इस्राएल के लोगों की आखिरी बार कटनी का समय है। परमेश्वर के पास इस्राएलियों और अन्यजातियों दोनों के लिए करने के लिए एक और कार्य है, और यह उन्हें शहीद होने के द्वारा पहले पुनरुत्थान और रेप्चर में भाग लेना है। <br />जैसा कि बाइबल इन मुद्दों पर एक समग्र विवरण प्रदान करती है, हमें यह पता लगाने की आवश्यकता है कि नए नियम में पाप की क्षमा के लिए परमेश्वर का उद्धार कैसे पूरा होता है। इन विषयों पर पवित्रशास्त्र हमसे बात करता है क्योंकि यदि हम उनकी बारीकी से जांच नहीं करते हैं, तो हम संत, परमेश्वर के सेवक और इस्राएल के लोगों के बारे में भ्रमित हो जाते हैं जो प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में प्रकट होते हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य ११ का वचन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जैसा कि परमेश्वर का पूरा वचन है। संसार को नष्ट करने के लिए, एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसे परमेश्वर को पहले करने की आवश्यकता है। यह इस्राएल के लोगों की आखिरी बार कटनी का समय है। परमेश्वर के पास इस्राएलियों और अन्यजातियों दोनों के लिए करने के लिए एक और कार्य है, और यह उन्हें शहीद होने के द्वारा पहले पुनरुत्थान और रेप्चर में भाग लेना है। जैसा कि बाइबल इन मुद्दों पर एक समग्र विवरण प्रदान करती है, हमें यह पता लगाने की आवश्यकता है कि नए नियम में पाप की क्षमा के लिए परमेश्वर का उद्धार कैसे पूरा होता है। इन विषयों पर पवित्रशास्त्र हमसे बात करता है क्योंकि यदि हम उनकी बारीकी से जांच नहीं करते हैं, तो हम संत, परमेश्वर के सेवक और इस्राएल के लोगों के बारे में भ्रमित हो जाते हैं जो प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में प्रकट होते हैं।
 
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                    <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य ११ का वचन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जैसा कि परमेश्वर का पूरा वचन है। संसार को नष्ट करने के लिए, एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसे परमेश्वर को पहले करने की आवश्यकता है। यह इस्राएल के लोगों की आखिरी बार कटनी का समय है। परमेश्वर के पास इस्राएलियों और अन्यजातियों दोनों के लिए करने के लिए एक और कार्य है, और यह उन्हें शहीद होने के द्वारा पहले पुनरुत्थान और रेप्चर में भाग लेना है। <br />जैसा कि बाइबल इन मुद्दों पर एक समग्र विवरण प्रदान करती है, हमें यह पता लगाने की आवश्यकता है कि नए नियम में पाप की क्षमा के लिए परमेश्वर का उद्धार कैसे पूरा होता है। इन विषयों पर पवित्रशास्त्र हमसे बात करता है क्योंकि यदि हम उनकी बारीकी से जांच नहीं करते हैं, तो हम संत, परमेश्वर के सेवक और इस्राएल के लोगों के बारे में भ्रमित हो जाते हैं जो प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में प्रकट होते हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य ११ का वचन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जैसा कि परमेश्वर का पूरा वचन है। संसार को नष्ट करने के लिए, एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसे परमेश्वर को पहले करने की आवश्यकता है। यह इस्राएल के लोगों की आखिरी बार कटनी का समय है। परमेश्वर के पास इस्राएलियों और अन्यजातियों दोनों के लिए करने के लिए एक और कार्य है, और यह उन्हें शहीद होने के द्वारा पहले पुनरुत्थान और रेप्चर में भाग लेना है। जैसा कि बाइबल इन मुद्दों पर एक समग्र विवरण प्रदान करती है, हमें यह पता लगाने की आवश्यकता है कि नए नियम में पाप की क्षमा के लिए परमेश्वर का उद्धार कैसे पूरा होता है। इन विषयों पर पवित्रशास्त्र हमसे बात करता है क्योंकि यदि हम उनकी बारीकी से जांच नहीं करते हैं, तो हम संत, परमेश्वर के सेवक और इस्राएल के लोगों के बारे में भ्रमित हो जाते हैं जो प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में प्रकट होते हैं।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch11-2. इस्राएल के लोगों का उद्धार (प्रकाशितवाक्य ११:१-१९)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:12:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>परमेश्वर इस्राएल के लोगों के पास दो भविष्यद्वक्ताओं को क्यों भेजेगा? परमेश्वर ऐसा विशेष रूप से इस्राएल के लोगों को बचाने के लिए करेगा। मुख्य भाग हमें बताता है कि परमेश्वर अपने दो गवाहों को १,२६० दिनों के लिए भविष्यवाणी करने के लिए कहेगा। यह इसराएलियों को आखिरी बार बचाने के लिए है। परमेश्वर इस प्रकार इस्राएल के लोगों को बचाएगा, इसका अर्थ यह भी है कि दुनिया के अंत का समय आ गया होगा। <br />वचन २ कहता है, “पर मन्दिर के बाहर का आँगन छोड़ दे; उसे मत नाप क्योंकि वह अन्यजातियों को दिया गया है, और वे पवित्र नगर को बयालीस महीने तक रौंदेंगी।” इसका मतलब यह है कि जब अन्यजातियों पर भयानक विपत्तियाँ आती हैं, जब महान क्लेश की सात साल की अवधि शुरू होती है और धीरे-धीरे बड़े भ्रम और विपत्तियाँ लाती है, जब अन्यजातियों में से जिन्होंने सुसमाचार को सुना और विश्वास किया है वे शहीद हो जाएंगे, तब परमेश्वर इस्राएल के लोगों के लिए दो भविष्यद्वक्ताओं को उठाएगा, उन्हें गवाही देने के लिए कहेगा कि यीशु परमेश्वर और उद्धारकर्ता है, और इस प्रकार इस्राएलियों को बचाएगा। यह हमें बताता है कि ये परमेश्वर के आनेवाले कार्य हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर इस्राएल के लोगों के पास दो भविष्यद्वक्ताओं को क्यों भेजेगा? परमेश्वर ऐसा विशेष रूप से इस्राएल के लोगों को बचाने के लिए करेगा। मुख्य भाग हमें बताता है कि परमेश्वर अपने दो गवाहों को १,२६० दिनों के लिए भविष्यवाणी करने के लिए कहेगा। यह इसराएलियों को आखिरी बार बचाने के लिए है। परमेश्वर इस प्रकार इस्राएल के लोगों को बचाएगा, इसका अर्थ यह भी है कि दुनिया के अंत का समय आ गया होगा। वचन २ कहता है, “पर मन्दिर के बाहर का आँगन छोड़ दे; उसे मत नाप क्योंकि वह अन्यजातियों को दिया गया है, और वे पवित्र नगर को बयालीस महीने तक रौंदेंगी।” इसका मतलब यह है कि जब अन्यजातियों पर भयानक विपत्तियाँ आती हैं, जब महान क्लेश की सात साल की अवधि शुरू होती है और धीरे-धीरे बड़े भ्रम और विपत्तियाँ लाती है, जब अन्यजातियों में से जिन्होंने सुसमाचार को सुना और विश्वास किया है वे शहीद हो जाएंगे, तब परमेश्वर इस्राएल के लोगों के लिए दो भविष्यद्वक्ताओं को उठाएगा, उन्हें गवाही देने के लिए कहेगा कि यीशु परमेश्वर और उद्धारकर्ता है, और इस प्रकार इस्राएलियों को बचाएगा। यह हमें बताता है कि ये परमेश्वर के आनेवाले कार्य हैं।
 
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                    <![CDATA[Ch11-2. इस्राएल के लोगों का उद्धार (प्रकाशितवाक्य ११:१-१९)]]>
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                    <![CDATA[<p>परमेश्वर इस्राएल के लोगों के पास दो भविष्यद्वक्ताओं को क्यों भेजेगा? परमेश्वर ऐसा विशेष रूप से इस्राएल के लोगों को बचाने के लिए करेगा। मुख्य भाग हमें बताता है कि परमेश्वर अपने दो गवाहों को १,२६० दिनों के लिए भविष्यवाणी करने के लिए कहेगा। यह इसराएलियों को आखिरी बार बचाने के लिए है। परमेश्वर इस प्रकार इस्राएल के लोगों को बचाएगा, इसका अर्थ यह भी है कि दुनिया के अंत का समय आ गया होगा। <br />वचन २ कहता है, “पर मन्दिर के बाहर का आँगन छोड़ दे; उसे मत नाप क्योंकि वह अन्यजातियों को दिया गया है, और वे पवित्र नगर को बयालीस महीने तक रौंदेंगी।” इसका मतलब यह है कि जब अन्यजातियों पर भयानक विपत्तियाँ आती हैं, जब महान क्लेश की सात साल की अवधि शुरू होती है और धीरे-धीरे बड़े भ्रम और विपत्तियाँ लाती है, जब अन्यजातियों में से जिन्होंने सुसमाचार को सुना और विश्वास किया है वे शहीद हो जाएंगे, तब परमेश्वर इस्राएल के लोगों के लिए दो भविष्यद्वक्ताओं को उठाएगा, उन्हें गवाही देने के लिए कहेगा कि यीशु परमेश्वर और उद्धारकर्ता है, और इस प्रकार इस्राएलियों को बचाएगा। यह हमें बताता है कि ये परमेश्वर के आनेवाले कार्य हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर इस्राएल के लोगों के पास दो भविष्यद्वक्ताओं को क्यों भेजेगा? परमेश्वर ऐसा विशेष रूप से इस्राएल के लोगों को बचाने के लिए करेगा। मुख्य भाग हमें बताता है कि परमेश्वर अपने दो गवाहों को १,२६० दिनों के लिए भविष्यवाणी करने के लिए कहेगा। यह इसराएलियों को आखिरी बार बचाने के लिए है। परमेश्वर इस प्रकार इस्राएल के लोगों को बचाएगा, इसका अर्थ यह भी है कि दुनिया के अंत का समय आ गया होगा। वचन २ कहता है, “पर मन्दिर के बाहर का आँगन छोड़ दे; उसे मत नाप क्योंकि वह अन्यजातियों को दिया गया है, और वे पवित्र नगर को बयालीस महीने तक रौंदेंगी।” इसका मतलब यह है कि जब अन्यजातियों पर भयानक विपत्तियाँ आती हैं, जब महान क्लेश की सात साल की अवधि शुरू होती है और धीरे-धीरे बड़े भ्रम और विपत्तियाँ लाती है, जब अन्यजातियों में से जिन्होंने सुसमाचार को सुना और विश्वास किया है वे शहीद हो जाएंगे, तब परमेश्वर इस्राएल के लोगों के लिए दो भविष्यद्वक्ताओं को उठाएगा, उन्हें गवाही देने के लिए कहेगा कि यीशु परमेश्वर और उद्धारकर्ता है, और इस प्रकार इस्राएलियों को बचाएगा। यह हमें बताता है कि ये परमेश्वर के आनेवाले कार्य हैं।
 
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                <title>
                    <![CDATA[Ch12-1. परमेश्वर की कलीसिया जिसे भविष्य में बहुत ही ज्यादा नुकशान पहुचाया जाएगा (प्रकाशितवाक्य १२:१-१७)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:11:00 +0000</pubDate>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर स्वर्ग में एक बड़ा चिह्न दिखाई दिया, अर्थात् एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी, और चाँद उसके पाँवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था। <br />यह हमें यानी परमेश्वर की कलीसिया को शहीद होने के द्वारा परमेश्वर को महिमा देने के बारे में बताता है। “एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी” इस पृथ्वी पर परमेश्वर की कलीसिया को संदर्भित करती है, और वाक्यांश “और चाँद उसके पाँवों तले था” का अर्थ है कि कलीसिया अभी भी दुनिया के शासन के अधीन है। दूसरी ओर, “उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था” वाक्यांश का अर्थ है कि उसकी कलीसिया अपनी शहादत के साथ शैतान के उत्पीड़न और खतरों को दूर करेगी।<br />यह वचन महान क्लेश के बीच में परमेश्वर के कलीसिया को संदर्भित करता है। परमेश्वर की कलीसिया को शैतान से बहुत नुकसान होगा और अंत के समय में शहीद हो जाएगी, लेकिन फिर भी यह शैतान को अपने विश्वास से हरा देगी और परमेश्वर द्वारा महिमा प्राप्त करेगी। क्लेश के समय में भी, परमेश्वर की कलीसिया के संत मसीह विरोधी पर जय प्राप्त करेंगे और पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करके अपनी शहादत के साथ जय प्राप्त करेंगे।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: फिर स्वर्ग में एक बड़ा चिह्न दिखाई दिया, अर्थात् एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी, और चाँद उसके पाँवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था। यह हमें यानी परमेश्वर की कलीसिया को शहीद होने के द्वारा परमेश्वर को महिमा देने के बारे में बताता है। “एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी” इस पृथ्वी पर परमेश्वर की कलीसिया को संदर्भित करती है, और वाक्यांश “और चाँद उसके पाँवों तले था” का अर्थ है कि कलीसिया अभी भी दुनिया के शासन के अधीन है। दूसरी ओर, “उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था” वाक्यांश का अर्थ है कि उसकी कलीसिया अपनी शहादत के साथ शैतान के उत्पीड़न और खतरों को दूर करेगी।यह वचन महान क्लेश के बीच में परमेश्वर के कलीसिया को संदर्भित करता है। परमेश्वर की कलीसिया को शैतान से बहुत नुकसान होगा और अंत के समय में शहीद हो जाएगी, लेकिन फिर भी यह शैतान को अपने विश्वास से हरा देगी और परमेश्वर द्वारा महिमा प्राप्त करेगी। क्लेश के समय में भी, परमेश्वर की कलीसिया के संत मसीह विरोधी पर जय प्राप्त करेंगे और पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करके अपनी शहादत के साथ जय प्राप्त करेंगे।
 
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                    <![CDATA[Ch12-1. परमेश्वर की कलीसिया जिसे भविष्य में बहुत ही ज्यादा नुकशान पहुचाया जाएगा (प्रकाशितवाक्य १२:१-१७)]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[Ch12-2. साहसपूर्ण विश्वास के साथ अपनी शहादत को गले लगाए (प्रकाशितवाक्य १२:१-१७)]]>
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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:11:00 +0000</pubDate>
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                                            <![CDATA[<p>अध्याय १२ हमें दिखाता है कि कैसे परमेश्वर की कलीसिया अंत समय के अपने क्लेशों का सामना करेगी। वचन १ कहता है, “फिर स्वर्ग में एक बड़ा चिह्न दिखाई दिया, अर्थात् एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी, और चाँद उसके पाँवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था।” यहाँ “एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुई थी” पृथ्वी पर परमेश्वर की कलीसिया को संदर्भित करती है, और वाक्यांश “चाँद उसके पाँवों तले था” का अर्थ है कि परमेश्वर की कलीसिया अभी भी दुनिया के शासन के अधीन है। यह हमें बताता है कि इस दुनिया में परमेश्वर की कलीसिया और इससे संबंधित संत शहीद होकर परमेश्वर की महिमा करेंगे। <br />वाक्यांश, “उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था,” दर्शाता है कि कलीसिया अंत के समय में शैतान के खिलाफ लड़ेगी और विश्वास से शहीद हो जाएगी। जैसा कि परमेश्वर का वचन हमें बताता है, परमेश्वर की कलीसिया वास्तव में विजयी होगी। यद्यपि शैतान, हमारे विश्वास को नष्ट करने के लिए, हमें हर तरह से धमकाएगा, हमें पीड़ित करेगा, हमें नुकसान पहुँचाएगा, और अंततः हमारे जीवन की माँग भी करेगा, फिर भी हम अपने विश्वास की रक्षा करेंगे और धार्मिक रूप से शहीद होंगे। यह विश्वास की जीत है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[अध्याय १२ हमें दिखाता है कि कैसे परमेश्वर की कलीसिया अंत समय के अपने क्लेशों का सामना करेगी। वचन १ कहता है, “फिर स्वर्ग में एक बड़ा चिह्न दिखाई दिया, अर्थात् एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी, और चाँद उसके पाँवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था।” यहाँ “एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुई थी” पृथ्वी पर परमेश्वर की कलीसिया को संदर्भित करती है, और वाक्यांश “चाँद उसके पाँवों तले था” का अर्थ है कि परमेश्वर की कलीसिया अभी भी दुनिया के शासन के अधीन है। यह हमें बताता है कि इस दुनिया में परमेश्वर की कलीसिया और इससे संबंधित संत शहीद होकर परमेश्वर की महिमा करेंगे। वाक्यांश, “उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था,” दर्शाता है कि कलीसिया अंत के समय में शैतान के खिलाफ लड़ेगी और विश्वास से शहीद हो जाएगी। जैसा कि परमेश्वर का वचन हमें बताता है, परमेश्वर की कलीसिया वास्तव में विजयी होगी। यद्यपि शैतान, हमारे विश्वास को नष्ट करने के लिए, हमें हर तरह से धमकाएगा, हमें पीड़ित करेगा, हमें नुकसान पहुँचाएगा, और अंततः हमारे जीवन की माँग भी करेगा, फिर भी हम अपने विश्वास की रक्षा करेंगे और धार्मिक रूप से शहीद होंगे। यह विश्वास की जीत है।
 
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                    <![CDATA[Ch12-2. साहसपूर्ण विश्वास के साथ अपनी शहादत को गले लगाए (प्रकाशितवाक्य १२:१-१७)]]>
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                    <![CDATA[<p>अध्याय १२ हमें दिखाता है कि कैसे परमेश्वर की कलीसिया अंत समय के अपने क्लेशों का सामना करेगी। वचन १ कहता है, “फिर स्वर्ग में एक बड़ा चिह्न दिखाई दिया, अर्थात् एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी, और चाँद उसके पाँवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था।” यहाँ “एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुई थी” पृथ्वी पर परमेश्वर की कलीसिया को संदर्भित करती है, और वाक्यांश “चाँद उसके पाँवों तले था” का अर्थ है कि परमेश्वर की कलीसिया अभी भी दुनिया के शासन के अधीन है। यह हमें बताता है कि इस दुनिया में परमेश्वर की कलीसिया और इससे संबंधित संत शहीद होकर परमेश्वर की महिमा करेंगे। <br />वाक्यांश, “उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था,” दर्शाता है कि कलीसिया अंत के समय में शैतान के खिलाफ लड़ेगी और विश्वास से शहीद हो जाएगी। जैसा कि परमेश्वर का वचन हमें बताता है, परमेश्वर की कलीसिया वास्तव में विजयी होगी। यद्यपि शैतान, हमारे विश्वास को नष्ट करने के लिए, हमें हर तरह से धमकाएगा, हमें पीड़ित करेगा, हमें नुकसान पहुँचाएगा, और अंततः हमारे जीवन की माँग भी करेगा, फिर भी हम अपने विश्वास की रक्षा करेंगे और धार्मिक रूप से शहीद होंगे। यह विश्वास की जीत है।</p>
<p> </p>
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                    <![CDATA[अध्याय १२ हमें दिखाता है कि कैसे परमेश्वर की कलीसिया अंत समय के अपने क्लेशों का सामना करेगी। वचन १ कहता है, “फिर स्वर्ग में एक बड़ा चिह्न दिखाई दिया, अर्थात् एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी, और चाँद उसके पाँवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था।” यहाँ “एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुई थी” पृथ्वी पर परमेश्वर की कलीसिया को संदर्भित करती है, और वाक्यांश “चाँद उसके पाँवों तले था” का अर्थ है कि परमेश्वर की कलीसिया अभी भी दुनिया के शासन के अधीन है। यह हमें बताता है कि इस दुनिया में परमेश्वर की कलीसिया और इससे संबंधित संत शहीद होकर परमेश्वर की महिमा करेंगे। वाक्यांश, “उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था,” दर्शाता है कि कलीसिया अंत के समय में शैतान के खिलाफ लड़ेगी और विश्वास से शहीद हो जाएगी। जैसा कि परमेश्वर का वचन हमें बताता है, परमेश्वर की कलीसिया वास्तव में विजयी होगी। यद्यपि शैतान, हमारे विश्वास को नष्ट करने के लिए, हमें हर तरह से धमकाएगा, हमें पीड़ित करेगा, हमें नुकसान पहुँचाएगा, और अंततः हमारे जीवन की माँग भी करेगा, फिर भी हम अपने विश्वास की रक्षा करेंगे और धार्मिक रूप से शहीद होंगे। यह विश्वास की जीत है।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch13-1. मसीह विरोधी का उद्भव (प्रकाशितवाक्य १३:१-१८)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:10:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: तब मैं ने एक पशु को समुद्र में से निकलते हुए देखा, जिसके दस सींग और सात सिर थे। उसके सींगों पर दस राजमुकुट, और उसके सिरों पर परमेश्‍वर की निन्दा के नाम लिखे हुए थे। <br />प्रेरित यूहन्ना ने एक पशु को समुद्र से ऊपर उठते देखा। इस पशु के माध्यम से जिसे यूहन्ना ने देखा, परमेश्वर हमें दिखाते हैं कि जब मसीह विरोधी इस धरती पर उठ खडा होगा तो वह क्या करेगा। परमेश्वर ने यूहन्ना को इस पशु को सात सिर और दस सींगों के साथ दिखाया, हमें यह बताने के लिए नहीं कि इस आकार में एक जानवर वास्तव में प्रकट होगा और दुनिया में सक्रिय होगा, लेकिन हमें यह बताने के लिए कि इस पशु के अधिकार और शक्ति वाला कोई व्यक्ति प्रकट होगा, संतों को सताएगा, और उन्हें शहीद करेगा।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: तब मैं ने एक पशु को समुद्र में से निकलते हुए देखा, जिसके दस सींग और सात सिर थे। उसके सींगों पर दस राजमुकुट, और उसके सिरों पर परमेश्‍वर की निन्दा के नाम लिखे हुए थे। प्रेरित यूहन्ना ने एक पशु को समुद्र से ऊपर उठते देखा। इस पशु के माध्यम से जिसे यूहन्ना ने देखा, परमेश्वर हमें दिखाते हैं कि जब मसीह विरोधी इस धरती पर उठ खडा होगा तो वह क्या करेगा। परमेश्वर ने यूहन्ना को इस पशु को सात सिर और दस सींगों के साथ दिखाया, हमें यह बताने के लिए नहीं कि इस आकार में एक जानवर वास्तव में प्रकट होगा और दुनिया में सक्रिय होगा, लेकिन हमें यह बताने के लिए कि इस पशु के अधिकार और शक्ति वाला कोई व्यक्ति प्रकट होगा, संतों को सताएगा, और उन्हें शहीद करेगा।
 
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                    <![CDATA[Ch13-1. मसीह विरोधी का उद्भव (प्रकाशितवाक्य १३:१-१८)]]>
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                    <![CDATA[<p>वचन १: तब मैं ने एक पशु को समुद्र में से निकलते हुए देखा, जिसके दस सींग और सात सिर थे। उसके सींगों पर दस राजमुकुट, और उसके सिरों पर परमेश्‍वर की निन्दा के नाम लिखे हुए थे। <br />प्रेरित यूहन्ना ने एक पशु को समुद्र से ऊपर उठते देखा। इस पशु के माध्यम से जिसे यूहन्ना ने देखा, परमेश्वर हमें दिखाते हैं कि जब मसीह विरोधी इस धरती पर उठ खडा होगा तो वह क्या करेगा। परमेश्वर ने यूहन्ना को इस पशु को सात सिर और दस सींगों के साथ दिखाया, हमें यह बताने के लिए नहीं कि इस आकार में एक जानवर वास्तव में प्रकट होगा और दुनिया में सक्रिय होगा, लेकिन हमें यह बताने के लिए कि इस पशु के अधिकार और शक्ति वाला कोई व्यक्ति प्रकट होगा, संतों को सताएगा, और उन्हें शहीद करेगा।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[Ch13-2. मसीह विरोधी का प्रगट होना (प्रकाशितवाक्य १३:१-१८)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:09:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>मुख्य भाग के आधार पर, मैं अब मसीह विरोधी के प्रकट होने और संतों की शहादत पर चर्चा करूंगा। अध्याय १३ से हम देखते हैं कि एक पशु समुद्र से बाहर आ रहा है। यह पशु, जिसके दस सींग और सात सिर हैं, कोई और नहीं बल्कि मसीह विरोधी है। भाग हमें बताता है कि पशु के सींगों पर दस राजमुकुट थे, और उसके सिर पर परमेश्वर की निन्दा का नाम था। हमें यह भी बताया गया है कि यह पशु चीते की तरह था, उसके पैर भालू के पैर के समान थे, और उसका मुंह सिंह के मुंह जैसा था। इसके अलावा, अजगर ने उसे अपनी शक्ति, अपना सिंहासन और महान अधिकार दिया। उनके सिर में से एक पर भारी घाव लगा था, लेकिन यह प्राण घातक घाव चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया। <br />इससे चकित होकर, पूरी दुनिया ने पशु का अनुसरण करना शुरू कर दिया, और जैसे ही उसे अजगर द्वारा अधिकार दिया गया, उन्होंने अजगर और पशु दोनों की पूजा करते हुए कहा, “इस पशु के समान कौन है? कौन इससे लड़ सकता है?” सन्दर्भ हमें यह भी बताता है कि पशु को बड़े बोल बोलने और निन्दा करने वाला एक मुंह दिया गया था, और ४२ महीनों तक अपने कार्यों को जारी रखने का अधिकार दिया गया था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[मुख्य भाग के आधार पर, मैं अब मसीह विरोधी के प्रकट होने और संतों की शहादत पर चर्चा करूंगा। अध्याय १३ से हम देखते हैं कि एक पशु समुद्र से बाहर आ रहा है। यह पशु, जिसके दस सींग और सात सिर हैं, कोई और नहीं बल्कि मसीह विरोधी है। भाग हमें बताता है कि पशु के सींगों पर दस राजमुकुट थे, और उसके सिर पर परमेश्वर की निन्दा का नाम था। हमें यह भी बताया गया है कि यह पशु चीते की तरह था, उसके पैर भालू के पैर के समान थे, और उसका मुंह सिंह के मुंह जैसा था। इसके अलावा, अजगर ने उसे अपनी शक्ति, अपना सिंहासन और महान अधिकार दिया। उनके सिर में से एक पर भारी घाव लगा था, लेकिन यह प्राण घातक घाव चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया। इससे चकित होकर, पूरी दुनिया ने पशु का अनुसरण करना शुरू कर दिया, और जैसे ही उसे अजगर द्वारा अधिकार दिया गया, उन्होंने अजगर और पशु दोनों की पूजा करते हुए कहा, “इस पशु के समान कौन है? कौन इससे लड़ सकता है?” सन्दर्भ हमें यह भी बताता है कि पशु को बड़े बोल बोलने और निन्दा करने वाला एक मुंह दिया गया था, और ४२ महीनों तक अपने कार्यों को जारी रखने का अधिकार दिया गया था।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch13-2. मसीह विरोधी का प्रगट होना (प्रकाशितवाक्य १३:१-१८)]]>
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                    <![CDATA[<p>मुख्य भाग के आधार पर, मैं अब मसीह विरोधी के प्रकट होने और संतों की शहादत पर चर्चा करूंगा। अध्याय १३ से हम देखते हैं कि एक पशु समुद्र से बाहर आ रहा है। यह पशु, जिसके दस सींग और सात सिर हैं, कोई और नहीं बल्कि मसीह विरोधी है। भाग हमें बताता है कि पशु के सींगों पर दस राजमुकुट थे, और उसके सिर पर परमेश्वर की निन्दा का नाम था। हमें यह भी बताया गया है कि यह पशु चीते की तरह था, उसके पैर भालू के पैर के समान थे, और उसका मुंह सिंह के मुंह जैसा था। इसके अलावा, अजगर ने उसे अपनी शक्ति, अपना सिंहासन और महान अधिकार दिया। उनके सिर में से एक पर भारी घाव लगा था, लेकिन यह प्राण घातक घाव चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया। <br />इससे चकित होकर, पूरी दुनिया ने पशु का अनुसरण करना शुरू कर दिया, और जैसे ही उसे अजगर द्वारा अधिकार दिया गया, उन्होंने अजगर और पशु दोनों की पूजा करते हुए कहा, “इस पशु के समान कौन है? कौन इससे लड़ सकता है?” सन्दर्भ हमें यह भी बताता है कि पशु को बड़े बोल बोलने और निन्दा करने वाला एक मुंह दिया गया था, और ४२ महीनों तक अपने कार्यों को जारी रखने का अधिकार दिया गया था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[मुख्य भाग के आधार पर, मैं अब मसीह विरोधी के प्रकट होने और संतों की शहादत पर चर्चा करूंगा। अध्याय १३ से हम देखते हैं कि एक पशु समुद्र से बाहर आ रहा है। यह पशु, जिसके दस सींग और सात सिर हैं, कोई और नहीं बल्कि मसीह विरोधी है। भाग हमें बताता है कि पशु के सींगों पर दस राजमुकुट थे, और उसके सिर पर परमेश्वर की निन्दा का नाम था। हमें यह भी बताया गया है कि यह पशु चीते की तरह था, उसके पैर भालू के पैर के समान थे, और उसका मुंह सिंह के मुंह जैसा था। इसके अलावा, अजगर ने उसे अपनी शक्ति, अपना सिंहासन और महान अधिकार दिया। उनके सिर में से एक पर भारी घाव लगा था, लेकिन यह प्राण घातक घाव चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया। इससे चकित होकर, पूरी दुनिया ने पशु का अनुसरण करना शुरू कर दिया, और जैसे ही उसे अजगर द्वारा अधिकार दिया गया, उन्होंने अजगर और पशु दोनों की पूजा करते हुए कहा, “इस पशु के समान कौन है? कौन इससे लड़ सकता है?” सन्दर्भ हमें यह भी बताता है कि पशु को बड़े बोल बोलने और निन्दा करने वाला एक मुंह दिया गया था, और ४२ महीनों तक अपने कार्यों को जारी रखने का अधिकार दिया गया था।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch14-1. पुनरुत्थित और रेप्चर हुए शहीदों की स्तुति (प्रकाशितवाक्य १४:१-२०)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:08:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने दृष्‍टि की, और देखो, वह मेम्ना सिय्योन पहाड़ पर खड़ा है, और उसके साथ एक लाख चौवालीस हज़ार जन हैं, जिनके माथे पर उसका और उसके पिता का नाम लिखा हुआ है। <br />यह नया जन्म पाए हुए संतों के बारे में है, जिन्हें मसीह विरोधी द्वारा उनकी शहादत के बाद स्वर्ग में प्रभु की स्तुति करते हुए पुनरुत्थित और रेप्चर किया जाएगा। जो संत मसीह विरोधी के द्वारा शहीद हुए और जो संत मर गए थे वे अब एक नए गीत के साथ प्रभु की स्तुति करते हुए स्वर्ग में होंगे। वचन ४ में हम देखते हैं कि १,४४,००० ने इस नए गीत को गाया। तो फिर, आपको आश्चर्य हो सकता है कि क्या रेप्चर हुए लोगों की संख्या केवल १,४४,००० होगी। परन्तु यहाँ संख्या १४ का अर्थ है कि सब कुछ बदल गया है (मत्ती १:१७)।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने दृष्‍टि की, और देखो, वह मेम्ना सिय्योन पहाड़ पर खड़ा है, और उसके साथ एक लाख चौवालीस हज़ार जन हैं, जिनके माथे पर उसका और उसके पिता का नाम लिखा हुआ है। यह नया जन्म पाए हुए संतों के बारे में है, जिन्हें मसीह विरोधी द्वारा उनकी शहादत के बाद स्वर्ग में प्रभु की स्तुति करते हुए पुनरुत्थित और रेप्चर किया जाएगा। जो संत मसीह विरोधी के द्वारा शहीद हुए और जो संत मर गए थे वे अब एक नए गीत के साथ प्रभु की स्तुति करते हुए स्वर्ग में होंगे। वचन ४ में हम देखते हैं कि १,४४,००० ने इस नए गीत को गाया। तो फिर, आपको आश्चर्य हो सकता है कि क्या रेप्चर हुए लोगों की संख्या केवल १,४४,००० होगी। परन्तु यहाँ संख्या १४ का अर्थ है कि सब कुछ बदल गया है (मत्ती १:१७)।
 
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                    <![CDATA[Ch14-1. पुनरुत्थित और रेप्चर हुए शहीदों की स्तुति (प्रकाशितवाक्य १४:१-२०)]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch14-2. मसीह विरोधी के प्रगट होने पर संतों को कैसे प्रतिक्रया देनी चाहिए? (प्रकाशितवाक्य १४:१-२०)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:08:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>भविष्य में मसीह विरोधी के प्रकट होने पर उस पर जय पाने के लिए, संतों को स्वयं को प्रभु में अपने विश्वास के साथ शहीद होने के लिए तैयार करना चाहिए। ऐसा करने के लिए, उन्हें उन दुष्ट योजनाओं के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए जो मसीह विरोधी इस पृथ्वी पर लाएगा। तभी संत उसके खिलाफ खड़े हो सकते हैं और विश्वास के साथ उस पर जय प्राप्त कर सकते हैं। शैतान लोगों को अपने नाम या संख्या का चिह्न प्राप्त करवाकर मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करेगा। <br />वह मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करता है क्योंकि परमेश्वर के खिलाफ खड़े होकर और धर्मियों के विश्वास को कम करके, वह लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के माध्यम से उनके पापों की क्षमा प्राप्त करने से रोकना चाहता है। मसीह विरोधी लोगों को अपना सेवक बना लेगा और उन्हें परमेश्वर के विरुद्ध खड़ा कर देगा। इसके लिए, मसीह विरोधी और उसके अनुयायी जो अभी भी इस दुनिया में हैं, वे कड़ी सजा और विपत्तियां प्राप्त करते हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[भविष्य में मसीह विरोधी के प्रकट होने पर उस पर जय पाने के लिए, संतों को स्वयं को प्रभु में अपने विश्वास के साथ शहीद होने के लिए तैयार करना चाहिए। ऐसा करने के लिए, उन्हें उन दुष्ट योजनाओं के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए जो मसीह विरोधी इस पृथ्वी पर लाएगा। तभी संत उसके खिलाफ खड़े हो सकते हैं और विश्वास के साथ उस पर जय प्राप्त कर सकते हैं। शैतान लोगों को अपने नाम या संख्या का चिह्न प्राप्त करवाकर मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करेगा। वह मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करता है क्योंकि परमेश्वर के खिलाफ खड़े होकर और धर्मियों के विश्वास को कम करके, वह लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के माध्यम से उनके पापों की क्षमा प्राप्त करने से रोकना चाहता है। मसीह विरोधी लोगों को अपना सेवक बना लेगा और उन्हें परमेश्वर के विरुद्ध खड़ा कर देगा। इसके लिए, मसीह विरोधी और उसके अनुयायी जो अभी भी इस दुनिया में हैं, वे कड़ी सजा और विपत्तियां प्राप्त करते हैं।
 
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                    <![CDATA[Ch14-2. मसीह विरोधी के प्रगट होने पर संतों को कैसे प्रतिक्रया देनी चाहिए? (प्रकाशितवाक्य १४:१-२०)]]>
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                    <![CDATA[<p>भविष्य में मसीह विरोधी के प्रकट होने पर उस पर जय पाने के लिए, संतों को स्वयं को प्रभु में अपने विश्वास के साथ शहीद होने के लिए तैयार करना चाहिए। ऐसा करने के लिए, उन्हें उन दुष्ट योजनाओं के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए जो मसीह विरोधी इस पृथ्वी पर लाएगा। तभी संत उसके खिलाफ खड़े हो सकते हैं और विश्वास के साथ उस पर जय प्राप्त कर सकते हैं। शैतान लोगों को अपने नाम या संख्या का चिह्न प्राप्त करवाकर मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करेगा। <br />वह मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करता है क्योंकि परमेश्वर के खिलाफ खड़े होकर और धर्मियों के विश्वास को कम करके, वह लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के माध्यम से उनके पापों की क्षमा प्राप्त करने से रोकना चाहता है। मसीह विरोधी लोगों को अपना सेवक बना लेगा और उन्हें परमेश्वर के विरुद्ध खड़ा कर देगा। इसके लिए, मसीह विरोधी और उसके अनुयायी जो अभी भी इस दुनिया में हैं, वे कड़ी सजा और विपत्तियां प्राप्त करते हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[भविष्य में मसीह विरोधी के प्रकट होने पर उस पर जय पाने के लिए, संतों को स्वयं को प्रभु में अपने विश्वास के साथ शहीद होने के लिए तैयार करना चाहिए। ऐसा करने के लिए, उन्हें उन दुष्ट योजनाओं के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए जो मसीह विरोधी इस पृथ्वी पर लाएगा। तभी संत उसके खिलाफ खड़े हो सकते हैं और विश्वास के साथ उस पर जय प्राप्त कर सकते हैं। शैतान लोगों को अपने नाम या संख्या का चिह्न प्राप्त करवाकर मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करेगा। वह मसीहीयों के विश्वास को नष्ट करने का प्रयास करता है क्योंकि परमेश्वर के खिलाफ खड़े होकर और धर्मियों के विश्वास को कम करके, वह लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के माध्यम से उनके पापों की क्षमा प्राप्त करने से रोकना चाहता है। मसीह विरोधी लोगों को अपना सेवक बना लेगा और उन्हें परमेश्वर के विरुद्ध खड़ा कर देगा। इसके लिए, मसीह विरोधी और उसके अनुयायी जो अभी भी इस दुनिया में हैं, वे कड़ी सजा और विपत्तियां प्राप्त करते हैं।
 
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                <title>
                    <![CDATA[Ch15-1. वे संत जो हवा में प्रभु के अदभुत कार्यों की स्तुति करते है (प्रकाशितवाक्य १५:१-८)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:07:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने स्वर्ग में एक और बड़ा और अद्भुत चिह्न देखा, अर्थात् सात स्वर्गदूत जिनके पास सातों अन्तिम विपत्तियाँ थीं, क्योंकि उनके समाप्‍त हो जाने पर परमेश्‍वर के प्रकोप का अन्त है। <br />अध्याय १५ हमें बताता है कि जगत का अन्त उन सात स्वर्गदूतों के द्वारा उण्डेले गए सात कटोरे की विपत्तियों के कारण होगा। यह “स्वर्ग में एक और बड़ा और अदभुत चिह्न” क्या है, जिसे प्रेरित यूहन्ना ने देखा? यह काँच के समुद्र पर खड़े संतों का चमत्कारिक दृश्य है जो परमेश्वर के कार्यों की प्रशंसा करते हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने स्वर्ग में एक और बड़ा और अद्भुत चिह्न देखा, अर्थात् सात स्वर्गदूत जिनके पास सातों अन्तिम विपत्तियाँ थीं, क्योंकि उनके समाप्‍त हो जाने पर परमेश्‍वर के प्रकोप का अन्त है। अध्याय १५ हमें बताता है कि जगत का अन्त उन सात स्वर्गदूतों के द्वारा उण्डेले गए सात कटोरे की विपत्तियों के कारण होगा। यह “स्वर्ग में एक और बड़ा और अदभुत चिह्न” क्या है, जिसे प्रेरित यूहन्ना ने देखा? यह काँच के समुद्र पर खड़े संतों का चमत्कारिक दृश्य है जो परमेश्वर के कार्यों की प्रशंसा करते हैं।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch15-1. वे संत जो हवा में प्रभु के अदभुत कार्यों की स्तुति करते है (प्रकाशितवाक्य १५:१-८)]]>
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                    <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने स्वर्ग में एक और बड़ा और अद्भुत चिह्न देखा, अर्थात् सात स्वर्गदूत जिनके पास सातों अन्तिम विपत्तियाँ थीं, क्योंकि उनके समाप्‍त हो जाने पर परमेश्‍वर के प्रकोप का अन्त है। <br />अध्याय १५ हमें बताता है कि जगत का अन्त उन सात स्वर्गदूतों के द्वारा उण्डेले गए सात कटोरे की विपत्तियों के कारण होगा। यह “स्वर्ग में एक और बड़ा और अदभुत चिह्न” क्या है, जिसे प्रेरित यूहन्ना ने देखा? यह काँच के समुद्र पर खड़े संतों का चमत्कारिक दृश्य है जो परमेश्वर के कार्यों की प्रशंसा करते हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने स्वर्ग में एक और बड़ा और अद्भुत चिह्न देखा, अर्थात् सात स्वर्गदूत जिनके पास सातों अन्तिम विपत्तियाँ थीं, क्योंकि उनके समाप्‍त हो जाने पर परमेश्‍वर के प्रकोप का अन्त है। अध्याय १५ हमें बताता है कि जगत का अन्त उन सात स्वर्गदूतों के द्वारा उण्डेले गए सात कटोरे की विपत्तियों के कारण होगा। यह “स्वर्ग में एक और बड़ा और अदभुत चिह्न” क्या है, जिसे प्रेरित यूहन्ना ने देखा? यह काँच के समुद्र पर खड़े संतों का चमत्कारिक दृश्य है जो परमेश्वर के कार्यों की प्रशंसा करते हैं।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch15-2. अनंत गंतव्य का विभाजन बिंदु (प्रकाशितवाक्य १५:१-८)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:06:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>अध्याय १५ उन सात कटोरों की विपत्तियों का वर्णन करता है, जो संतों के रेप्चर के ठीक बाद उन लोगों पर डाली जाएंगी, जो परमेश्वर के शत्रु होकर उसके विरुद्ध खड़े हुए हैं। संख्या “सात” जो प्रकाशितवाक्य में समान रूप से प्रकट होती है, जैसे कि सात मुहरें, सात तुरहियां और सात कटोरे, परमेश्वर की पूर्णता और उसकी सर्वशक्तिमान सामर्थ का प्रतीक हैं। यीशु मसीह सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं। यीशु हमारे लिए सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, इसका अर्थ है कि हमारा प्रभु सर्वशक्तिमान परमेश्वर है जिसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। हमारा प्रभु स्वयं परमेश्वर है जिसने सभी चीजों की योजना बनाई है और जो उन सभी को पूरा करने की सामर्थ रखता है।<br />संतों को परमेश्वर की सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान महिमा और सामर्थ के लिए परमेश्वर की स्तुति करनी चाहिए, जो सात कटोरे की विपत्तियों के माध्यम से प्रकट हुई जो वह इस दुनिया पर उन्ड़ेलेगा। हम अपने परमेश्वर को इस तथ्य के लिए धन्यवाद देते हैं कि इस तरह का निर्णय उनकी सर्वज्ञता और सर्वशक्तिमानता से संभव हुआ है। प्रभु अपने शत्रुओं से सात कटोरों की विपत्तियों और नरक की अनन्त पीड़ा से बदला लेगा यह संतों के लिए कुछ ऐसा है कि वे इसके लिओए केवल परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते है। संत इस प्रकार परमेश्वर की स्तुति कर सकते हैं। हाल्लेलूयाह!</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[अध्याय १५ उन सात कटोरों की विपत्तियों का वर्णन करता है, जो संतों के रेप्चर के ठीक बाद उन लोगों पर डाली जाएंगी, जो परमेश्वर के शत्रु होकर उसके विरुद्ध खड़े हुए हैं। संख्या “सात” जो प्रकाशितवाक्य में समान रूप से प्रकट होती है, जैसे कि सात मुहरें, सात तुरहियां और सात कटोरे, परमेश्वर की पूर्णता और उसकी सर्वशक्तिमान सामर्थ का प्रतीक हैं। यीशु मसीह सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं। यीशु हमारे लिए सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, इसका अर्थ है कि हमारा प्रभु सर्वशक्तिमान परमेश्वर है जिसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। हमारा प्रभु स्वयं परमेश्वर है जिसने सभी चीजों की योजना बनाई है और जो उन सभी को पूरा करने की सामर्थ रखता है।संतों को परमेश्वर की सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान महिमा और सामर्थ के लिए परमेश्वर की स्तुति करनी चाहिए, जो सात कटोरे की विपत्तियों के माध्यम से प्रकट हुई जो वह इस दुनिया पर उन्ड़ेलेगा। हम अपने परमेश्वर को इस तथ्य के लिए धन्यवाद देते हैं कि इस तरह का निर्णय उनकी सर्वज्ञता और सर्वशक्तिमानता से संभव हुआ है। प्रभु अपने शत्रुओं से सात कटोरों की विपत्तियों और नरक की अनन्त पीड़ा से बदला लेगा यह संतों के लिए कुछ ऐसा है कि वे इसके लिओए केवल परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते है। संत इस प्रकार परमेश्वर की स्तुति कर सकते हैं। हाल्लेलूयाह!
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
                </itunes:subtitle>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch16-1. सात काटोरे की विपत्तियों की शुरुआत (प्रकाशितवाक्य १६:१-२१)]]>
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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:06:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने मन्दिर में किसी को ऊँचे शब्द से उन सातों स्वर्गदूतों से यह कहते सुना, “जाओ, परमेश्‍वर के प्रकोप के सातों कटोरों को पृथ्वी पर उंडेल दो।”<br />क्रोध के सात कटोरे की विपत्तियों के साथ, परमेश्वर अपने क्रोध को मसीह विरोधी के सेवकों और उसके लोगों पर लाएगा जो अभी भी इस पृथ्वी पर जी रहे हैं। सभी प्राणी और मनुष्य परमेश्वर के क्रोध के तूफान से नष्ट हो जाएंगे, परमेश्वर के धैर्य के इतने वर्षों के बाद विस्फोट हो जाएगा, और वे उन महान विपत्तियों से पीड़ित होंगे जो सात साल के महान क्लेश की शेष अवधि के दौरान उन पर डाली जाएंगी। इस समय, यह दुनिया राख में मिल जाएगी क्योंकि यह टूट गई है, इसके टुकड़े-टुकड़े हो गए है, और गुमनामी में नष्ट हो गई है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने मन्दिर में किसी को ऊँचे शब्द से उन सातों स्वर्गदूतों से यह कहते सुना, “जाओ, परमेश्‍वर के प्रकोप के सातों कटोरों को पृथ्वी पर उंडेल दो।”क्रोध के सात कटोरे की विपत्तियों के साथ, परमेश्वर अपने क्रोध को मसीह विरोधी के सेवकों और उसके लोगों पर लाएगा जो अभी भी इस पृथ्वी पर जी रहे हैं। सभी प्राणी और मनुष्य परमेश्वर के क्रोध के तूफान से नष्ट हो जाएंगे, परमेश्वर के धैर्य के इतने वर्षों के बाद विस्फोट हो जाएगा, और वे उन महान विपत्तियों से पीड़ित होंगे जो सात साल के महान क्लेश की शेष अवधि के दौरान उन पर डाली जाएंगी। इस समय, यह दुनिया राख में मिल जाएगी क्योंकि यह टूट गई है, इसके टुकड़े-टुकड़े हो गए है, और गुमनामी में नष्ट हो गई है।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                    <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने मन्दिर में किसी को ऊँचे शब्द से उन सातों स्वर्गदूतों से यह कहते सुना, “जाओ, परमेश्‍वर के प्रकोप के सातों कटोरों को पृथ्वी पर उंडेल दो।”<br />क्रोध के सात कटोरे की विपत्तियों के साथ, परमेश्वर अपने क्रोध को मसीह विरोधी के सेवकों और उसके लोगों पर लाएगा जो अभी भी इस पृथ्वी पर जी रहे हैं। सभी प्राणी और मनुष्य परमेश्वर के क्रोध के तूफान से नष्ट हो जाएंगे, परमेश्वर के धैर्य के इतने वर्षों के बाद विस्फोट हो जाएगा, और वे उन महान विपत्तियों से पीड़ित होंगे जो सात साल के महान क्लेश की शेष अवधि के दौरान उन पर डाली जाएंगी। इस समय, यह दुनिया राख में मिल जाएगी क्योंकि यह टूट गई है, इसके टुकड़े-टुकड़े हो गए है, और गुमनामी में नष्ट हो गई है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch16-2. सात काटोरे के उंडेले जाने से पहले आपको जो करना है वह यह है कि… (प्रकाशितवाक्य १६:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:03:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>सात कटोरों की विपत्तियों में से पहली विपत्ति वेदना की है, दूसरी विपत्ति समुद्र के लहू में परिवर्तित होने की, और तीसरी पिने के पानी के लोहू में बदल जाने की है। चौथी विपत्ति यह है कि लोग सूरज की गर्मी से झुलस जाएंगे।<br />मुख्य भाग हमें बताता है, “चौथे स्वर्गदूत ने अपना कटोरा सूर्य पर उंडेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया। मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए।” यह हमें बताता है कि परमेश्वर सूर्य को पृथ्वी के करीब ले जाएगा और उसके जीवन को जलाकर मृत्यु तक पहुंचा देगा। जब परमेश्वर ऐसा होने देंगे, तो कोई भी सूरज की चिलचिलाती गर्मी से बच नहीं पाएगा, भले ही कोई जमीन के नीचे एक गहरी गुफा खोदकर वहां छिप जाए। न ही इस विपत्ति के लिए तैयार किए गए उच्च दक्षता वाले एयर कंडीशनर को चालू करने से वे परमेश्वर की विपत्ति को रोक पाएंगे। उन सभी के पास मरने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
                                    </description>
                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[सात कटोरों की विपत्तियों में से पहली विपत्ति वेदना की है, दूसरी विपत्ति समुद्र के लहू में परिवर्तित होने की, और तीसरी पिने के पानी के लोहू में बदल जाने की है। चौथी विपत्ति यह है कि लोग सूरज की गर्मी से झुलस जाएंगे।मुख्य भाग हमें बताता है, “चौथे स्वर्गदूत ने अपना कटोरा सूर्य पर उंडेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया। मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए।” यह हमें बताता है कि परमेश्वर सूर्य को पृथ्वी के करीब ले जाएगा और उसके जीवन को जलाकर मृत्यु तक पहुंचा देगा। जब परमेश्वर ऐसा होने देंगे, तो कोई भी सूरज की चिलचिलाती गर्मी से बच नहीं पाएगा, भले ही कोई जमीन के नीचे एक गहरी गुफा खोदकर वहां छिप जाए। न ही इस विपत्ति के लिए तैयार किए गए उच्च दक्षता वाले एयर कंडीशनर को चालू करने से वे परमेश्वर की विपत्ति को रोक पाएंगे। उन सभी के पास मरने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।
 
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                    <![CDATA[<p>सात कटोरों की विपत्तियों में से पहली विपत्ति वेदना की है, दूसरी विपत्ति समुद्र के लहू में परिवर्तित होने की, और तीसरी पिने के पानी के लोहू में बदल जाने की है। चौथी विपत्ति यह है कि लोग सूरज की गर्मी से झुलस जाएंगे।<br />मुख्य भाग हमें बताता है, “चौथे स्वर्गदूत ने अपना कटोरा सूर्य पर उंडेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया। मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए।” यह हमें बताता है कि परमेश्वर सूर्य को पृथ्वी के करीब ले जाएगा और उसके जीवन को जलाकर मृत्यु तक पहुंचा देगा। जब परमेश्वर ऐसा होने देंगे, तो कोई भी सूरज की चिलचिलाती गर्मी से बच नहीं पाएगा, भले ही कोई जमीन के नीचे एक गहरी गुफा खोदकर वहां छिप जाए। न ही इस विपत्ति के लिए तैयार किए गए उच्च दक्षता वाले एयर कंडीशनर को चालू करने से वे परमेश्वर की विपत्ति को रोक पाएंगे। उन सभी के पास मरने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch17-1. बहुत-से पानी पर बैठी वेश्या का न्याय (प्रकाशितवाक्य १७:१-१८)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:03:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>वचन १: “जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उनमें से एक ने आकर मुझ से यह कहा, “इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है,”<br />मुख्य भाग की वेश्या, स्त्री और पशु कौन हैं यह जानना अध्याय १७ की व्याख्या और समझने के लिए आवश्यक है। वचन १ में “वेश्या” दुनिया के धर्मों को संदर्भित करती है, जबकि “स्त्री” दुनिया को संदर्भित करती है। दूसरी ओर, “पशु”, मसीह-विरोधी को दर्शाता है। “बहुत सा पानी” शैतान की शिक्षाओं को दर्शाता है। वाक्यांश, “मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है,” हमें बताता है कि परमेश्वर दुनिया के धर्मों का न्याय करेंगे जो शैतान की कई शिक्षाओं पर बैठे हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: “जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उनमें से एक ने आकर मुझ से यह कहा, “इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है,”मुख्य भाग की वेश्या, स्त्री और पशु कौन हैं यह जानना अध्याय १७ की व्याख्या और समझने के लिए आवश्यक है। वचन १ में “वेश्या” दुनिया के धर्मों को संदर्भित करती है, जबकि “स्त्री” दुनिया को संदर्भित करती है। दूसरी ओर, “पशु”, मसीह-विरोधी को दर्शाता है। “बहुत सा पानी” शैतान की शिक्षाओं को दर्शाता है। वाक्यांश, “मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है,” हमें बताता है कि परमेश्वर दुनिया के धर्मों का न्याय करेंगे जो शैतान की कई शिक्षाओं पर बैठे हैं।
 
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                    <![CDATA[Ch17-1. बहुत-से पानी पर बैठी वेश्या का न्याय (प्रकाशितवाक्य १७:१-१८)]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch17-2. हमारा ध्यान परमेश्वर की इच्छा पर केंद्रित करे (प्रकाशितवाक्य १७:१-१८)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:01:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य १७:१-५ में लिखा है, “जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उनमें से एक ने आकर मुझ से यह कहा, “इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है, जिसके साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया; और पृथ्वी के रहनेवाले उसके व्यभिचार की मदिरा से मतवाले हो गए थे।” तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने लाल रंग के पशु पर, जो निन्दा के नामों से भरा हुआ था और जिसके सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा। यह स्त्री बैंजनी और लाल रंग के कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमूल्य मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। उसके माथे पर यह नाम लिखा था, <br />“भेद – बड़ा बेबीलोन पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।”</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य १७:१-५ में लिखा है, “जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उनमें से एक ने आकर मुझ से यह कहा, “इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है, जिसके साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया; और पृथ्वी के रहनेवाले उसके व्यभिचार की मदिरा से मतवाले हो गए थे।” तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने लाल रंग के पशु पर, जो निन्दा के नामों से भरा हुआ था और जिसके सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा। यह स्त्री बैंजनी और लाल रंग के कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमूल्य मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। उसके माथे पर यह नाम लिखा था, “भेद – बड़ा बेबीलोन पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।”
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                    <![CDATA[Ch17-2. हमारा ध्यान परमेश्वर की इच्छा पर केंद्रित करे (प्रकाशितवाक्य १७:१-१८)]]>
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                    <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य १७:१-५ में लिखा है, “जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उनमें से एक ने आकर मुझ से यह कहा, “इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है, जिसके साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया; और पृथ्वी के रहनेवाले उसके व्यभिचार की मदिरा से मतवाले हो गए थे।” तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने लाल रंग के पशु पर, जो निन्दा के नामों से भरा हुआ था और जिसके सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा। यह स्त्री बैंजनी और लाल रंग के कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमूल्य मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। उसके माथे पर यह नाम लिखा था, <br />“भेद – बड़ा बेबीलोन पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।”</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य १७:१-५ में लिखा है, “जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उनमें से एक ने आकर मुझ से यह कहा, “इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊँ, जो बहुत–से पानी पर बैठी है, जिसके साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया; और पृथ्वी के रहनेवाले उसके व्यभिचार की मदिरा से मतवाले हो गए थे।” तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने लाल रंग के पशु पर, जो निन्दा के नामों से भरा हुआ था और जिसके सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा। यह स्त्री बैंजनी और लाल रंग के कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमूल्य मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। उसके माथे पर यह नाम लिखा था, “भेद – बड़ा बेबीलोन पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।”
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch18-1. बेबीलोन की दुनिया का पतन (प्रकाशितवाक्य १८:१-२४)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 14:00:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>वचन १: “इसके बाद मैं ने एक स्वर्गदूत को स्वर्ग से उतरते देखा, जिसे बड़ा अधिकार प्राप्‍त था; और पृथ्वी उसके तेज से चमक उठी। <br />जिन सेवकों को परमेश्वर ने अपने कार्य करने के लिए इस पृथ्वी पर भेजा है, उनके माध्यम से लोग परमेश्वर के आशीर्वाद और श्राप के उपदेश सुन सकते हैं। अपने सभी पापों और दुखों से मुक्त होने के लिए, आप सभी को परमेश्वर के सेवकों द्वारा प्रचारित स्वर्ग के आत्मिक आशीष के वचन को सुनना चाहिए और अपने दिलों में ग्रहण करना चाहिए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: “इसके बाद मैं ने एक स्वर्गदूत को स्वर्ग से उतरते देखा, जिसे बड़ा अधिकार प्राप्‍त था; और पृथ्वी उसके तेज से चमक उठी। जिन सेवकों को परमेश्वर ने अपने कार्य करने के लिए इस पृथ्वी पर भेजा है, उनके माध्यम से लोग परमेश्वर के आशीर्वाद और श्राप के उपदेश सुन सकते हैं। अपने सभी पापों और दुखों से मुक्त होने के लिए, आप सभी को परमेश्वर के सेवकों द्वारा प्रचारित स्वर्ग के आत्मिक आशीष के वचन को सुनना चाहिए और अपने दिलों में ग्रहण करना चाहिए।
 
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                    <![CDATA[Ch18-1. बेबीलोन की दुनिया का पतन (प्रकाशितवाक्य १८:१-२४)]]>
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                    <![CDATA[<p>वचन १: “इसके बाद मैं ने एक स्वर्गदूत को स्वर्ग से उतरते देखा, जिसे बड़ा अधिकार प्राप्‍त था; और पृथ्वी उसके तेज से चमक उठी। <br />जिन सेवकों को परमेश्वर ने अपने कार्य करने के लिए इस पृथ्वी पर भेजा है, उनके माध्यम से लोग परमेश्वर के आशीर्वाद और श्राप के उपदेश सुन सकते हैं। अपने सभी पापों और दुखों से मुक्त होने के लिए, आप सभी को परमेश्वर के सेवकों द्वारा प्रचारित स्वर्ग के आत्मिक आशीष के वचन को सुनना चाहिए और अपने दिलों में ग्रहण करना चाहिए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: “इसके बाद मैं ने एक स्वर्गदूत को स्वर्ग से उतरते देखा, जिसे बड़ा अधिकार प्राप्‍त था; और पृथ्वी उसके तेज से चमक उठी। जिन सेवकों को परमेश्वर ने अपने कार्य करने के लिए इस पृथ्वी पर भेजा है, उनके माध्यम से लोग परमेश्वर के आशीर्वाद और श्राप के उपदेश सुन सकते हैं। अपने सभी पापों और दुखों से मुक्त होने के लिए, आप सभी को परमेश्वर के सेवकों द्वारा प्रचारित स्वर्ग के आत्मिक आशीष के वचन को सुनना चाहिए और अपने दिलों में ग्रहण करना चाहिए।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch18-2. “हे मेरे लोगो, उस में से निकल आओ कि उसकी विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े” (प्रकाशितवाक्य १८:१-२४)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:59:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>परमेश्वर हमें अध्याय १८ में बताता है कि वह अपनी बड़ी विपत्तियों से बड़े नगर बेबीलोन को नष्ट कर देगा। क्योंकि अंत समय तक यह संसार परमेश्वर की दृष्टि के सामने बहुत अधिक गंदा और पापी हो गया होगा, और क्योंकि परमेश्वर के पास अपनी सृष्टि को नाश करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा इसलिए वह विनाशकारी विपत्तियों को अनुमति देगा जो पृथ्वी को समाप्त कर देंगी। इसलिए इस दुनिया को तब नाश किया जाएगा जब तक यह पूरी तरह से नष्ट न होजाए।<br />परमेश्वर द्वारा संसार को नष्ट करने का वास्तविक कारण यह है कि उसने अपने भविष्यद्वक्ताओं और संतों का लहू देखा। और क्योंकि इस दुनिया परमेश्वर के द्वारा दी गई चीजो के साथ बहुत अधिक और बहुत बड़े पाप किए होंगे इसलिए यह परमेश्वर के लिए सहन करना मुश्किल होगा। परमेश्वर ने जो सबसे सुन्दर गृह बनाया है वह है पृथ्वी। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वयं परमेश्वर ने इस पृथ्वी पर बड़ी दिलचस्पी के साथ कार्य किया है, और क्योंकि यह वो स्थान भी है जहाँ परमेश्वर की योजनाएँ और यीशु मसीह में पापियों को बचाने का उसका कार्य पूरा हुआ है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर हमें अध्याय १८ में बताता है कि वह अपनी बड़ी विपत्तियों से बड़े नगर बेबीलोन को नष्ट कर देगा। क्योंकि अंत समय तक यह संसार परमेश्वर की दृष्टि के सामने बहुत अधिक गंदा और पापी हो गया होगा, और क्योंकि परमेश्वर के पास अपनी सृष्टि को नाश करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा इसलिए वह विनाशकारी विपत्तियों को अनुमति देगा जो पृथ्वी को समाप्त कर देंगी। इसलिए इस दुनिया को तब नाश किया जाएगा जब तक यह पूरी तरह से नष्ट न होजाए।परमेश्वर द्वारा संसार को नष्ट करने का वास्तविक कारण यह है कि उसने अपने भविष्यद्वक्ताओं और संतों का लहू देखा। और क्योंकि इस दुनिया परमेश्वर के द्वारा दी गई चीजो के साथ बहुत अधिक और बहुत बड़े पाप किए होंगे इसलिए यह परमेश्वर के लिए सहन करना मुश्किल होगा। परमेश्वर ने जो सबसे सुन्दर गृह बनाया है वह है पृथ्वी। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वयं परमेश्वर ने इस पृथ्वी पर बड़ी दिलचस्पी के साथ कार्य किया है, और क्योंकि यह वो स्थान भी है जहाँ परमेश्वर की योजनाएँ और यीशु मसीह में पापियों को बचाने का उसका कार्य पूरा हुआ है।
 
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                    <![CDATA[Ch18-2. “हे मेरे लोगो, उस में से निकल आओ कि उसकी विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े” (प्रकाशितवाक्य १८:१-२४)]]>
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                    <![CDATA[<p>परमेश्वर हमें अध्याय १८ में बताता है कि वह अपनी बड़ी विपत्तियों से बड़े नगर बेबीलोन को नष्ट कर देगा। क्योंकि अंत समय तक यह संसार परमेश्वर की दृष्टि के सामने बहुत अधिक गंदा और पापी हो गया होगा, और क्योंकि परमेश्वर के पास अपनी सृष्टि को नाश करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा इसलिए वह विनाशकारी विपत्तियों को अनुमति देगा जो पृथ्वी को समाप्त कर देंगी। इसलिए इस दुनिया को तब नाश किया जाएगा जब तक यह पूरी तरह से नष्ट न होजाए।<br />परमेश्वर द्वारा संसार को नष्ट करने का वास्तविक कारण यह है कि उसने अपने भविष्यद्वक्ताओं और संतों का लहू देखा। और क्योंकि इस दुनिया परमेश्वर के द्वारा दी गई चीजो के साथ बहुत अधिक और बहुत बड़े पाप किए होंगे इसलिए यह परमेश्वर के लिए सहन करना मुश्किल होगा। परमेश्वर ने जो सबसे सुन्दर गृह बनाया है वह है पृथ्वी। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वयं परमेश्वर ने इस पृथ्वी पर बड़ी दिलचस्पी के साथ कार्य किया है, और क्योंकि यह वो स्थान भी है जहाँ परमेश्वर की योजनाएँ और यीशु मसीह में पापियों को बचाने का उसका कार्य पूरा हुआ है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर हमें अध्याय १८ में बताता है कि वह अपनी बड़ी विपत्तियों से बड़े नगर बेबीलोन को नष्ट कर देगा। क्योंकि अंत समय तक यह संसार परमेश्वर की दृष्टि के सामने बहुत अधिक गंदा और पापी हो गया होगा, और क्योंकि परमेश्वर के पास अपनी सृष्टि को नाश करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा इसलिए वह विनाशकारी विपत्तियों को अनुमति देगा जो पृथ्वी को समाप्त कर देंगी। इसलिए इस दुनिया को तब नाश किया जाएगा जब तक यह पूरी तरह से नष्ट न होजाए।परमेश्वर द्वारा संसार को नष्ट करने का वास्तविक कारण यह है कि उसने अपने भविष्यद्वक्ताओं और संतों का लहू देखा। और क्योंकि इस दुनिया परमेश्वर के द्वारा दी गई चीजो के साथ बहुत अधिक और बहुत बड़े पाप किए होंगे इसलिए यह परमेश्वर के लिए सहन करना मुश्किल होगा। परमेश्वर ने जो सबसे सुन्दर गृह बनाया है वह है पृथ्वी। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वयं परमेश्वर ने इस पृथ्वी पर बड़ी दिलचस्पी के साथ कार्य किया है, और क्योंकि यह वो स्थान भी है जहाँ परमेश्वर की योजनाएँ और यीशु मसीह में पापियों को बचाने का उसका कार्य पूरा हुआ है।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch19-1. वह राज्य जिस पर सर्वशक्तिमान शासन करेगा (प्रकाशितवाक्य १९:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:58:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p> वचन १: “इसके बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊँचे शब्द से यह कहते सुना, “हल्‍लिलूय्याह! उद्धार और महिमा और सामर्थ्य हमारे परमेश्‍वर ही की है।”<br />यह भाग उन संतों का वर्णन करता है जो प्रभु परमेश्वर की स्तुति करते हैं क्योंकि मेम्ने के साथ उनका विवाह दिन निकट आता है। हमारे प्रभु परमेश्वर ने संतों को उनका उद्धार और महिमा दी है, कि वे अच्छे कारण से उसकी स्तुति करें। इसलिए हवा में रेप्चर संत प्रभु परमेश्वर की स्तुति करना जारी रखते हैं, क्योंकि उनके सभी पापों और उनकी अपरिहार्य निंदाओं से उन्हें छुड़ाने की उनकी कृपा इतनी महान है। <br />शब्द “अलेलुइया” या “हालेलुय्याह” इब्रानी शब्द “हलाल” से बना है, जिसका अर्थ है स्तुति, और “याह,” जिसका अर्थ “यहोवा” है - इसलिए, इसका अर्थ “यहोवा की स्तुति करो” है। विशेष रूप से, पुराने नियम के भजन संहिता ११३-११८ को “मिस्र का हालेल” कहा जाता है, और भजन संहिता १४६-१५० को “हालेल के भजन” कहा जाता है। </p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[ वचन १: “इसके बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊँचे शब्द से यह कहते सुना, “हल्‍लिलूय्याह! उद्धार और महिमा और सामर्थ्य हमारे परमेश्‍वर ही की है।”यह भाग उन संतों का वर्णन करता है जो प्रभु परमेश्वर की स्तुति करते हैं क्योंकि मेम्ने के साथ उनका विवाह दिन निकट आता है। हमारे प्रभु परमेश्वर ने संतों को उनका उद्धार और महिमा दी है, कि वे अच्छे कारण से उसकी स्तुति करें। इसलिए हवा में रेप्चर संत प्रभु परमेश्वर की स्तुति करना जारी रखते हैं, क्योंकि उनके सभी पापों और उनकी अपरिहार्य निंदाओं से उन्हें छुड़ाने की उनकी कृपा इतनी महान है। शब्द “अलेलुइया” या “हालेलुय्याह” इब्रानी शब्द “हलाल” से बना है, जिसका अर्थ है स्तुति, और “याह,” जिसका अर्थ “यहोवा” है - इसलिए, इसका अर्थ “यहोवा की स्तुति करो” है। विशेष रूप से, पुराने नियम के भजन संहिता ११३-११८ को “मिस्र का हालेल” कहा जाता है, और भजन संहिता १४६-१५० को “हालेल के भजन” कहा जाता है। 
 
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                    <![CDATA[Ch19-1. वह राज्य जिस पर सर्वशक्तिमान शासन करेगा (प्रकाशितवाक्य १९:१-२१)]]>
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                    <![CDATA[<p> वचन १: “इसके बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊँचे शब्द से यह कहते सुना, “हल्‍लिलूय्याह! उद्धार और महिमा और सामर्थ्य हमारे परमेश्‍वर ही की है।”<br />यह भाग उन संतों का वर्णन करता है जो प्रभु परमेश्वर की स्तुति करते हैं क्योंकि मेम्ने के साथ उनका विवाह दिन निकट आता है। हमारे प्रभु परमेश्वर ने संतों को उनका उद्धार और महिमा दी है, कि वे अच्छे कारण से उसकी स्तुति करें। इसलिए हवा में रेप्चर संत प्रभु परमेश्वर की स्तुति करना जारी रखते हैं, क्योंकि उनके सभी पापों और उनकी अपरिहार्य निंदाओं से उन्हें छुड़ाने की उनकी कृपा इतनी महान है। <br />शब्द “अलेलुइया” या “हालेलुय्याह” इब्रानी शब्द “हलाल” से बना है, जिसका अर्थ है स्तुति, और “याह,” जिसका अर्थ “यहोवा” है - इसलिए, इसका अर्थ “यहोवा की स्तुति करो” है। विशेष रूप से, पुराने नियम के भजन संहिता ११३-११८ को “मिस्र का हालेल” कहा जाता है, और भजन संहिता १४६-१५० को “हालेल के भजन” कहा जाता है। </p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[ वचन १: “इसके बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊँचे शब्द से यह कहते सुना, “हल्‍लिलूय्याह! उद्धार और महिमा और सामर्थ्य हमारे परमेश्‍वर ही की है।”यह भाग उन संतों का वर्णन करता है जो प्रभु परमेश्वर की स्तुति करते हैं क्योंकि मेम्ने के साथ उनका विवाह दिन निकट आता है। हमारे प्रभु परमेश्वर ने संतों को उनका उद्धार और महिमा दी है, कि वे अच्छे कारण से उसकी स्तुति करें। इसलिए हवा में रेप्चर संत प्रभु परमेश्वर की स्तुति करना जारी रखते हैं, क्योंकि उनके सभी पापों और उनकी अपरिहार्य निंदाओं से उन्हें छुड़ाने की उनकी कृपा इतनी महान है। शब्द “अलेलुइया” या “हालेलुय्याह” इब्रानी शब्द “हलाल” से बना है, जिसका अर्थ है स्तुति, और “याह,” जिसका अर्थ “यहोवा” है - इसलिए, इसका अर्थ “यहोवा की स्तुति करो” है। विशेष रूप से, पुराने नियम के भजन संहिता ११३-११८ को “मिस्र का हालेल” कहा जाता है, और भजन संहिता १४६-१५० को “हालेल के भजन” कहा जाता है। 
 
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                <title>
                    <![CDATA[Ch19-2. केवल धर्मी ही आशा के साथ मसीह की वापसी का इंतज़ार कर सकते है (प्रकाशितवाक्य १९:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:57:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>पिछले अध्याय में, हमने देखा कि कैसे परमेश्वर अपनी भयानक विपत्तियों को इस संसार में लाएगा। इस अध्याय में, अब हम देखते हैं कि मसीह और उसकी महिमामय सेना मसीह विरोधी की सेना के खिलाफ लड़ रही है और उस पर जय पा रही है, जानवर और उसके सेवकों को जीवित आग की झील में फेंक दिया है, शेष मसीह विरोधी सेना को प्रभु के मुंह से निकले वचन की तलवार से मार डाला है, और इस तरह अंत में शैतान के खिलाफ उसकी सारी लड़ाई को समाप्त कर दिया। <br />इस अध्याय के सार को तीन मुख्य विषयों में विभाजित किया जा सकता है: १) महान विपत्तियों के न्याय को इस संसार में लाने के लिए रेप्चर हुए संतों द्वारा परमेश्वर की स्तुति; २) मेम्ने के विवाह भोज के आगमन की घोषणा; और ३) यीशु मसीह की सेना के साथ स्वर्ग से प्रभु का अवतरण।<br />हम सभी को यह समझना चाहिए कि परमेश्वर निश्चित रूप से और जल्द ही वह सब कुछ पूरा करेगा जो उसने प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के माध्यम से हमसे कहा है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[पिछले अध्याय में, हमने देखा कि कैसे परमेश्वर अपनी भयानक विपत्तियों को इस संसार में लाएगा। इस अध्याय में, अब हम देखते हैं कि मसीह और उसकी महिमामय सेना मसीह विरोधी की सेना के खिलाफ लड़ रही है और उस पर जय पा रही है, जानवर और उसके सेवकों को जीवित आग की झील में फेंक दिया है, शेष मसीह विरोधी सेना को प्रभु के मुंह से निकले वचन की तलवार से मार डाला है, और इस तरह अंत में शैतान के खिलाफ उसकी सारी लड़ाई को समाप्त कर दिया। इस अध्याय के सार को तीन मुख्य विषयों में विभाजित किया जा सकता है: १) महान विपत्तियों के न्याय को इस संसार में लाने के लिए रेप्चर हुए संतों द्वारा परमेश्वर की स्तुति; २) मेम्ने के विवाह भोज के आगमन की घोषणा; और ३) यीशु मसीह की सेना के साथ स्वर्ग से प्रभु का अवतरण।हम सभी को यह समझना चाहिए कि परमेश्वर निश्चित रूप से और जल्द ही वह सब कुछ पूरा करेगा जो उसने प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के माध्यम से हमसे कहा है।
 
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <title>
                    <![CDATA[Ch20-1. अजगर को अथाह कुंड में बाँध दिया जाएगा (प्रकाशितवाक्य २०:१-१५)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:57:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने एक स्वर्गदूत को स्वर्ग से उतरते देखा, जिसके हाथ में अथाह–कुंड की कुंजी और एक बड़ी जंजीर थी।<br />सुसमाचार के लिए परिश्रम करने वाले संतों को उसके प्रतिफल से क्षतिपूर्ति करने के लिए, हमारे प्रभु परमेश्वर उन्हें एक हजार वर्षों के लिए मसीह के राज्य का उपहार देंगे। ऐसा करने के लिए, परमेश्वर को पहले अपने एक स्वर्गदूत को अजगर को पकड़ने के लिए आदेश देना चाहिए कि वह उसे एक हजार साल के लिए अथाह गड्ढे में कैद कर दे। परमेश्वर को यह काम पहले करना चाहिए, क्योंकि ड्रैगन को पहले ही पाताल में पकड़कर बांध दिया जाना चाहिए ताकि संतों को मसीह के हजार साल के राज्य में रहने के लिए सक्षम बनाया जा सके। इस प्रकार परमेश्वर अपने दूत को अथाह गड्ढे और एक बड़ी जंजीर की चाबी देता है, और उसे अजगर को पकड़ने और पाताल में बांधने का काम शुरू करने की आज्ञा देता है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने एक स्वर्गदूत को स्वर्ग से उतरते देखा, जिसके हाथ में अथाह–कुंड की कुंजी और एक बड़ी जंजीर थी।सुसमाचार के लिए परिश्रम करने वाले संतों को उसके प्रतिफल से क्षतिपूर्ति करने के लिए, हमारे प्रभु परमेश्वर उन्हें एक हजार वर्षों के लिए मसीह के राज्य का उपहार देंगे। ऐसा करने के लिए, परमेश्वर को पहले अपने एक स्वर्गदूत को अजगर को पकड़ने के लिए आदेश देना चाहिए कि वह उसे एक हजार साल के लिए अथाह गड्ढे में कैद कर दे। परमेश्वर को यह काम पहले करना चाहिए, क्योंकि ड्रैगन को पहले ही पाताल में पकड़कर बांध दिया जाना चाहिए ताकि संतों को मसीह के हजार साल के राज्य में रहने के लिए सक्षम बनाया जा सके। इस प्रकार परमेश्वर अपने दूत को अथाह गड्ढे और एक बड़ी जंजीर की चाबी देता है, और उसे अजगर को पकड़ने और पाताल में बांधने का काम शुरू करने की आज्ञा देता है।
 
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch20-2. हम जीवन से मृत्यु की ओर कैसे जा सकते है? (प्रकाशितवाक्य २०:१-१५)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:55:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>परमेश्वर हमें बताता है कि जब वह इस दुनिया को गायब कर देता है और हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी देता है, तो वह हर उस पापी को पुनर्जीवित करेगा जो पहले इस धरती पर रहता था और जो अपनी कब्र में पडा हो। वचन १३ यहाँ कहता है, “समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे, दे दिया।” एक आदमी का शरीर जो पानी में डूब जाता है, सबसे अधिक संभावना है कि वह मछली द्वारा खाया जाएगा, जबकि एक आदमी जो जलकर मर जाएगा, उसके पास अब पहचानने के लिए कोई रूप नहीं बचेगा। फिर भी बाइबल हमें यहाँ बताती है कि जब अंत का समय आएगा, तो परमेश्वर सभी को फिर से जीवित कर देगा और उन्हें स्वर्ग या नरक में भेजने के लिए न्याय करेगा, भले ही उन्हें शैतान ने निगल लिया हो, पाताल लोक द्वारा मार डाला गया हो, या जला दिया गया हो।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर हमें बताता है कि जब वह इस दुनिया को गायब कर देता है और हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी देता है, तो वह हर उस पापी को पुनर्जीवित करेगा जो पहले इस धरती पर रहता था और जो अपनी कब्र में पडा हो। वचन १३ यहाँ कहता है, “समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे, दे दिया।” एक आदमी का शरीर जो पानी में डूब जाता है, सबसे अधिक संभावना है कि वह मछली द्वारा खाया जाएगा, जबकि एक आदमी जो जलकर मर जाएगा, उसके पास अब पहचानने के लिए कोई रूप नहीं बचेगा। फिर भी बाइबल हमें यहाँ बताती है कि जब अंत का समय आएगा, तो परमेश्वर सभी को फिर से जीवित कर देगा और उन्हें स्वर्ग या नरक में भेजने के लिए न्याय करेगा, भले ही उन्हें शैतान ने निगल लिया हो, पाताल लोक द्वारा मार डाला गया हो, या जला दिया गया हो।
 
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                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch20-2. हम जीवन से मृत्यु की ओर कैसे जा सकते है? (प्रकाशितवाक्य २०:१-१५)]]>
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                    <![CDATA[<p>परमेश्वर हमें बताता है कि जब वह इस दुनिया को गायब कर देता है और हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी देता है, तो वह हर उस पापी को पुनर्जीवित करेगा जो पहले इस धरती पर रहता था और जो अपनी कब्र में पडा हो। वचन १३ यहाँ कहता है, “समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे, दे दिया।” एक आदमी का शरीर जो पानी में डूब जाता है, सबसे अधिक संभावना है कि वह मछली द्वारा खाया जाएगा, जबकि एक आदमी जो जलकर मर जाएगा, उसके पास अब पहचानने के लिए कोई रूप नहीं बचेगा। फिर भी बाइबल हमें यहाँ बताती है कि जब अंत का समय आएगा, तो परमेश्वर सभी को फिर से जीवित कर देगा और उन्हें स्वर्ग या नरक में भेजने के लिए न्याय करेगा, भले ही उन्हें शैतान ने निगल लिया हो, पाताल लोक द्वारा मार डाला गया हो, या जला दिया गया हो।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर हमें बताता है कि जब वह इस दुनिया को गायब कर देता है और हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी देता है, तो वह हर उस पापी को पुनर्जीवित करेगा जो पहले इस धरती पर रहता था और जो अपनी कब्र में पडा हो। वचन १३ यहाँ कहता है, “समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे, दे दिया।” एक आदमी का शरीर जो पानी में डूब जाता है, सबसे अधिक संभावना है कि वह मछली द्वारा खाया जाएगा, जबकि एक आदमी जो जलकर मर जाएगा, उसके पास अब पहचानने के लिए कोई रूप नहीं बचेगा। फिर भी बाइबल हमें यहाँ बताती है कि जब अंत का समय आएगा, तो परमेश्वर सभी को फिर से जीवित कर देगा और उन्हें स्वर्ग या नरक में भेजने के लिए न्याय करेगा, भले ही उन्हें शैतान ने निगल लिया हो, पाताल लोक द्वारा मार डाला गया हो, या जला दिया गया हो।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch21-1. पवित्र नगर जो स्वर्ग से उतरा (प्रकाशितवाक्य २१:१-२७)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:55:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। <br />इस वचन का अर्थ है कि हमारे प्रभु परमेश्वर अपने नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। इस पल से, संत पहले स्वर्ग और पृथ्वी में नहीं, बल्कि नए, दूसरे स्वर्ग और पृथ्वी में रहेंगे। यह आशीर्वाद परमेश्वर का उपहार है जो वह अपने संतों को प्रदान करेगा। परमेश्वर ऐसा आशीर्वाद केवल उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। <br />दुसरे शब्दों में, वे लोग जो इस आशीष का आनंद लेंगे वे वो सन्त है जिन्होंने मसीह द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पापों की माफ़ी प्राप्त की है। हमारा प्रभु संतों का दूल्हा है। अब से, जो कुछ भी दुल्हनों की प्रतीक्षा कर रहा है, वह है अपने दुल्हा मेमने से दुल्हन के रूप में दूल्हे की सुरक्षा, आशीर्वाद और सामर्थ प्राप्त करना और उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में रहना है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। इस वचन का अर्थ है कि हमारे प्रभु परमेश्वर अपने नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। इस पल से, संत पहले स्वर्ग और पृथ्वी में नहीं, बल्कि नए, दूसरे स्वर्ग और पृथ्वी में रहेंगे। यह आशीर्वाद परमेश्वर का उपहार है जो वह अपने संतों को प्रदान करेगा। परमेश्वर ऐसा आशीर्वाद केवल उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। दुसरे शब्दों में, वे लोग जो इस आशीष का आनंद लेंगे वे वो सन्त है जिन्होंने मसीह द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पापों की माफ़ी प्राप्त की है। हमारा प्रभु संतों का दूल्हा है। अब से, जो कुछ भी दुल्हनों की प्रतीक्षा कर रहा है, वह है अपने दुल्हा मेमने से दुल्हन के रूप में दूल्हे की सुरक्षा, आशीर्वाद और सामर्थ प्राप्त करना और उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में रहना है।
 
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                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch21-1. पवित्र नगर जो स्वर्ग से उतरा (प्रकाशितवाक्य २१:१-२७)]]>
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                    <![CDATA[<p>वचन १: फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। <br />इस वचन का अर्थ है कि हमारे प्रभु परमेश्वर अपने नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। इस पल से, संत पहले स्वर्ग और पृथ्वी में नहीं, बल्कि नए, दूसरे स्वर्ग और पृथ्वी में रहेंगे। यह आशीर्वाद परमेश्वर का उपहार है जो वह अपने संतों को प्रदान करेगा। परमेश्वर ऐसा आशीर्वाद केवल उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। <br />दुसरे शब्दों में, वे लोग जो इस आशीष का आनंद लेंगे वे वो सन्त है जिन्होंने मसीह द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पापों की माफ़ी प्राप्त की है। हमारा प्रभु संतों का दूल्हा है। अब से, जो कुछ भी दुल्हनों की प्रतीक्षा कर रहा है, वह है अपने दुल्हा मेमने से दुल्हन के रूप में दूल्हे की सुरक्षा, आशीर्वाद और सामर्थ प्राप्त करना और उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में रहना है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। इस वचन का अर्थ है कि हमारे प्रभु परमेश्वर अपने नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। इस पल से, संत पहले स्वर्ग और पृथ्वी में नहीं, बल्कि नए, दूसरे स्वर्ग और पृथ्वी में रहेंगे। यह आशीर्वाद परमेश्वर का उपहार है जो वह अपने संतों को प्रदान करेगा। परमेश्वर ऐसा आशीर्वाद केवल उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। दुसरे शब्दों में, वे लोग जो इस आशीष का आनंद लेंगे वे वो सन्त है जिन्होंने मसीह द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पापों की माफ़ी प्राप्त की है। हमारा प्रभु संतों का दूल्हा है। अब से, जो कुछ भी दुल्हनों की प्रतीक्षा कर रहा है, वह है अपने दुल्हा मेमने से दुल्हन के रूप में दूल्हे की सुरक्षा, आशीर्वाद और सामर्थ प्राप्त करना और उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में रहना है।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                    <![CDATA[Ch21-2. हमारे अन्दर ऐसा विश्वास होना चाहिए जो परमेश्वर के द्वारा स्वीकृत हो (प्रकाशितवाक्य २१:१-२७)]]>
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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:50:00 +0000</pubDate>
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                                            <![CDATA[<p>परमेश्वर ने हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी दी है। परमेश्वर हमें बताता है कि जो कुछ तुम अभी देखते हो, पहला स्वर्ग और पृथ्वी, और उसकी सारी चीजे, सब गायब हो जाएगा, और वह हमें उनके स्थान पर नए ब्रह्माण्ड में एक नया स्वर्ग, एक नई पृथ्वी और एक नया समुद्र देगा, और सभी चीजों को नया करेगा। इसका मतलब यह है कि प्रभु परमेश्वर नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद परमेश्वर की ओर से एक उपहार है जो वह अपने उन संतों को प्रदान करेगा, जिन्होंने अपने पापों की क्षमा प्राप्त कर ली है।<br />इसलिए परमेश्वर यह आशीष उन संतों को देगा जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद केवल उन संतों को दिया जाता है, जिन्होंने यीशु मसीह के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के पवित्र सुसमाचार में विश्वास करके अपने पापों की क्षमा प्राप्त की है। इस प्रकार हमारा प्रभु संतों का दूल्हा बनेगा। अब से, दुल्हनों को जो कुछ करना है वह यह है की दूल्हे की सुरक्षा प्राप्त करे, मेमने की पत्नी के रूप में आशीर्वाद सामर्थ प्राप्त करे, और हमेशा के लिए उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में जिए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर ने हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी दी है। परमेश्वर हमें बताता है कि जो कुछ तुम अभी देखते हो, पहला स्वर्ग और पृथ्वी, और उसकी सारी चीजे, सब गायब हो जाएगा, और वह हमें उनके स्थान पर नए ब्रह्माण्ड में एक नया स्वर्ग, एक नई पृथ्वी और एक नया समुद्र देगा, और सभी चीजों को नया करेगा। इसका मतलब यह है कि प्रभु परमेश्वर नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद परमेश्वर की ओर से एक उपहार है जो वह अपने उन संतों को प्रदान करेगा, जिन्होंने अपने पापों की क्षमा प्राप्त कर ली है।इसलिए परमेश्वर यह आशीष उन संतों को देगा जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद केवल उन संतों को दिया जाता है, जिन्होंने यीशु मसीह के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के पवित्र सुसमाचार में विश्वास करके अपने पापों की क्षमा प्राप्त की है। इस प्रकार हमारा प्रभु संतों का दूल्हा बनेगा। अब से, दुल्हनों को जो कुछ करना है वह यह है की दूल्हे की सुरक्षा प्राप्त करे, मेमने की पत्नी के रूप में आशीर्वाद सामर्थ प्राप्त करे, और हमेशा के लिए उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में जिए।
 
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                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch21-2. हमारे अन्दर ऐसा विश्वास होना चाहिए जो परमेश्वर के द्वारा स्वीकृत हो (प्रकाशितवाक्य २१:१-२७)]]>
                </itunes:title>
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                    <![CDATA[<p>परमेश्वर ने हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी दी है। परमेश्वर हमें बताता है कि जो कुछ तुम अभी देखते हो, पहला स्वर्ग और पृथ्वी, और उसकी सारी चीजे, सब गायब हो जाएगा, और वह हमें उनके स्थान पर नए ब्रह्माण्ड में एक नया स्वर्ग, एक नई पृथ्वी और एक नया समुद्र देगा, और सभी चीजों को नया करेगा। इसका मतलब यह है कि प्रभु परमेश्वर नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद परमेश्वर की ओर से एक उपहार है जो वह अपने उन संतों को प्रदान करेगा, जिन्होंने अपने पापों की क्षमा प्राप्त कर ली है।<br />इसलिए परमेश्वर यह आशीष उन संतों को देगा जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद केवल उन संतों को दिया जाता है, जिन्होंने यीशु मसीह के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के पवित्र सुसमाचार में विश्वास करके अपने पापों की क्षमा प्राप्त की है। इस प्रकार हमारा प्रभु संतों का दूल्हा बनेगा। अब से, दुल्हनों को जो कुछ करना है वह यह है की दूल्हे की सुरक्षा प्राप्त करे, मेमने की पत्नी के रूप में आशीर्वाद सामर्थ प्राप्त करे, और हमेशा के लिए उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में जिए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[परमेश्वर ने हमें नया स्वर्ग और पृथ्वी दी है। परमेश्वर हमें बताता है कि जो कुछ तुम अभी देखते हो, पहला स्वर्ग और पृथ्वी, और उसकी सारी चीजे, सब गायब हो जाएगा, और वह हमें उनके स्थान पर नए ब्रह्माण्ड में एक नया स्वर्ग, एक नई पृथ्वी और एक नया समुद्र देगा, और सभी चीजों को नया करेगा। इसका मतलब यह है कि प्रभु परमेश्वर नए स्वर्ग और पृथ्वी को अपने उपहार के रूप में उन संतों को देंगे जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद परमेश्वर की ओर से एक उपहार है जो वह अपने उन संतों को प्रदान करेगा, जिन्होंने अपने पापों की क्षमा प्राप्त कर ली है।इसलिए परमेश्वर यह आशीष उन संतों को देगा जिन्होंने पहले पुनरुत्थान में भाग लिया था। यह आशीर्वाद केवल उन संतों को दिया जाता है, जिन्होंने यीशु मसीह के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के पवित्र सुसमाचार में विश्वास करके अपने पापों की क्षमा प्राप्त की है। इस प्रकार हमारा प्रभु संतों का दूल्हा बनेगा। अब से, दुल्हनों को जो कुछ करना है वह यह है की दूल्हे की सुरक्षा प्राप्त करे, मेमने की पत्नी के रूप में आशीर्वाद सामर्थ प्राप्त करे, और हमेशा के लिए उसके गौरवशाली राज्य में महिमा में जिए।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch22-1. नया आकाश और नई पृथ्वी जहाँ जीवन का पानी बहता है (प्रकाशितवाक्य २२:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:49:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                    https://permalink.castos.com/podcast/49497/episode/1343233</guid>
                                    <link>https://hindi08.castos.com/episodes/ch22-1-naya-aakasha-oura-naii-pathava-jaha-javana-ka-pana-bhata-ha-parakashatavakaya</link>
                                <description>
                                            <![CDATA[<p>वचन १: फिर उसने मुझे बिल्‍लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई, जो परमेश्‍वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर,<br />ये यहाँ कहता है कि यूहन्ना को “बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई”। इस संसार में पानी शब्द का प्रयोग जीवन के पर्याय के रूप में किया जाता है। यहां का वचन हमें बताता है कि जीवन का यह पानी नए स्वर्ग और पृथ्वी में बहता है जहां संत हमेशा के लिए रहेंगे। मेम्ने के सिंहासन से बहते हुए, जीवन के पानी की नदी स्वर्ग के राज्य को नम करती है और सभी चीजों को नवीनीकृत करती है। “मेम्ने का सिंहासन,” इस वाक्य में “मेम्ना” यीशु मसीह को संदर्भित करता है, जिसने इस पृथ्वी पर रहते हुए पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ मनुष्यजाति को बचाया है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वचन १: फिर उसने मुझे बिल्‍लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई, जो परमेश्‍वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर,ये यहाँ कहता है कि यूहन्ना को “बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई”। इस संसार में पानी शब्द का प्रयोग जीवन के पर्याय के रूप में किया जाता है। यहां का वचन हमें बताता है कि जीवन का यह पानी नए स्वर्ग और पृथ्वी में बहता है जहां संत हमेशा के लिए रहेंगे। मेम्ने के सिंहासन से बहते हुए, जीवन के पानी की नदी स्वर्ग के राज्य को नम करती है और सभी चीजों को नवीनीकृत करती है। “मेम्ने का सिंहासन,” इस वाक्य में “मेम्ना” यीशु मसीह को संदर्भित करता है, जिसने इस पृथ्वी पर रहते हुए पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ मनुष्यजाति को बचाया है।
 
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                    <![CDATA[Ch22-1. नया आकाश और नई पृथ्वी जहाँ जीवन का पानी बहता है (प्रकाशितवाक्य २२:१-२१)]]>
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                    <![CDATA[<p>वचन १: फिर उसने मुझे बिल्‍लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई, जो परमेश्‍वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर,<br />ये यहाँ कहता है कि यूहन्ना को “बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई”। इस संसार में पानी शब्द का प्रयोग जीवन के पर्याय के रूप में किया जाता है। यहां का वचन हमें बताता है कि जीवन का यह पानी नए स्वर्ग और पृथ्वी में बहता है जहां संत हमेशा के लिए रहेंगे। मेम्ने के सिंहासन से बहते हुए, जीवन के पानी की नदी स्वर्ग के राज्य को नम करती है और सभी चीजों को नवीनीकृत करती है। “मेम्ने का सिंहासन,” इस वाक्य में “मेम्ना” यीशु मसीह को संदर्भित करता है, जिसने इस पृथ्वी पर रहते हुए पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ मनुष्यजाति को बचाया है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[वचन १: फिर उसने मुझे बिल्‍लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई, जो परमेश्‍वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर,ये यहाँ कहता है कि यूहन्ना को “बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के पानी की नदी दिखाई”। इस संसार में पानी शब्द का प्रयोग जीवन के पर्याय के रूप में किया जाता है। यहां का वचन हमें बताता है कि जीवन का यह पानी नए स्वर्ग और पृथ्वी में बहता है जहां संत हमेशा के लिए रहेंगे। मेम्ने के सिंहासन से बहते हुए, जीवन के पानी की नदी स्वर्ग के राज्य को नम करती है और सभी चीजों को नवीनीकृत करती है। “मेम्ने का सिंहासन,” इस वाक्य में “मेम्ना” यीशु मसीह को संदर्भित करता है, जिसने इस पृथ्वी पर रहते हुए पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ मनुष्यजाति को बचाया है।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch22-2. महिमा की आशा में आनंदित और दृढ रहे (प्रकाशितवाक्य २२:१-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 13:48:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य २२:६-२१ हमें स्वर्ग की आशा दिखाता है। अध्याय २२, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक का अंतिम अध्याय, पवित्रशास्त्र की भविष्यवाणियों की विश्वासयोग्यता की पुष्टि और नए यरूशलेम के लिए परमेश्वर के निमंत्रण से संबंधित है। यह अध्याय हमें बताता है कि नया यरूशलेम परमेश्वर का एक उपहार है जो उन संतों को दिया गया है जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करके नया जन्म प्राप्त किया है।<br />नया जन्म पाए हुए संतों ने परमेश्वर के घर में उसकी स्तुति की। इसके लिए मैं प्रभु का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। हमारे शब्द यह व्यक्त नहीं कर सकते कि हम कितने आभारी हैं कि हम जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने के द्वारा अपने पापों की माफ़ी प्राप्त की है उन्हें संत बनने की अनुमति दी गई है। इस पृथ्वी पर ऐसा कौन है जिसने हमसे बढाकर आशीष पाई हो? ऐसा कोई नहीं है!</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
                                    </description>
                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य २२:६-२१ हमें स्वर्ग की आशा दिखाता है। अध्याय २२, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक का अंतिम अध्याय, पवित्रशास्त्र की भविष्यवाणियों की विश्वासयोग्यता की पुष्टि और नए यरूशलेम के लिए परमेश्वर के निमंत्रण से संबंधित है। यह अध्याय हमें बताता है कि नया यरूशलेम परमेश्वर का एक उपहार है जो उन संतों को दिया गया है जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करके नया जन्म प्राप्त किया है।नया जन्म पाए हुए संतों ने परमेश्वर के घर में उसकी स्तुति की। इसके लिए मैं प्रभु का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। हमारे शब्द यह व्यक्त नहीं कर सकते कि हम कितने आभारी हैं कि हम जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने के द्वारा अपने पापों की माफ़ी प्राप्त की है उन्हें संत बनने की अनुमति दी गई है। इस पृथ्वी पर ऐसा कौन है जिसने हमसे बढाकर आशीष पाई हो? ऐसा कोई नहीं है!
 
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                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[Ch22-2. महिमा की आशा में आनंदित और दृढ रहे (प्रकाशितवाक्य २२:१-२१)]]>
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                    <![CDATA[<p>प्रकाशितवाक्य २२:६-२१ हमें स्वर्ग की आशा दिखाता है। अध्याय २२, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक का अंतिम अध्याय, पवित्रशास्त्र की भविष्यवाणियों की विश्वासयोग्यता की पुष्टि और नए यरूशलेम के लिए परमेश्वर के निमंत्रण से संबंधित है। यह अध्याय हमें बताता है कि नया यरूशलेम परमेश्वर का एक उपहार है जो उन संतों को दिया गया है जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करके नया जन्म प्राप्त किया है।<br />नया जन्म पाए हुए संतों ने परमेश्वर के घर में उसकी स्तुति की। इसके लिए मैं प्रभु का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। हमारे शब्द यह व्यक्त नहीं कर सकते कि हम कितने आभारी हैं कि हम जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने के द्वारा अपने पापों की माफ़ी प्राप्त की है उन्हें संत बनने की अनुमति दी गई है। इस पृथ्वी पर ऐसा कौन है जिसने हमसे बढाकर आशीष पाई हो? ऐसा कोई नहीं है!</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[प्रकाशितवाक्य २२:६-२१ हमें स्वर्ग की आशा दिखाता है। अध्याय २२, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक का अंतिम अध्याय, पवित्रशास्त्र की भविष्यवाणियों की विश्वासयोग्यता की पुष्टि और नए यरूशलेम के लिए परमेश्वर के निमंत्रण से संबंधित है। यह अध्याय हमें बताता है कि नया यरूशलेम परमेश्वर का एक उपहार है जो उन संतों को दिया गया है जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करके नया जन्म प्राप्त किया है।नया जन्म पाए हुए संतों ने परमेश्वर के घर में उसकी स्तुति की। इसके लिए मैं प्रभु का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। हमारे शब्द यह व्यक्त नहीं कर सकते कि हम कितने आभारी हैं कि हम जिन्होंने पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने के द्वारा अपने पापों की माफ़ी प्राप्त की है उन्हें संत बनने की अनुमति दी गई है। इस पृथ्वी पर ऐसा कौन है जिसने हमसे बढाकर आशीष पाई हो? ऐसा कोई नहीं है!
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[Ch23. प्रश्न और उत्तर]]>
                </title>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 08:43:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>१) क्या अध्याय 7 में संख्या १,४४,००० वास्तव में इस्राएल के लोगों की संख्या है जो बचाए जाएंगे, या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक संख्या है?<br />अध्याय ७ में दिखाई देने वाली संख्या १४४,००० हमें वास्तव में बताती है कि अंत के समय में कितने इस्राएलियों को बचाया जाएगा, कुल १४४,००० के लिए इस्राएल के बारह गोत्रों में से प्रत्येक से १२,०००। यह परमेश्वर के उस विशेष विधान के द्वारा पूरा होता है जिसके द्वारा अब्राहम के कुछ वंशज, जिनसे परमेश्वर प्रेम करता था, उद्धार पाएंगे। परमेश्वर उस प्रतिज्ञा को याद करता है जो उसने अब्राहम से की थी, और इसलिए इस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए, वह अब पानी और आत्मा के सुसमाचार को न केवल अन्यजातियों में, बल्कि इस्राएल के लोगों के लिए भी फैलाने देगा, जो अब्राहम की देह के वंशज हैं।</p>
<p> </p>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[१) क्या अध्याय 7 में संख्या १,४४,००० वास्तव में इस्राएल के लोगों की संख्या है जो बचाए जाएंगे, या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक संख्या है?अध्याय ७ में दिखाई देने वाली संख्या १४४,००० हमें वास्तव में बताती है कि अंत के समय में कितने इस्राएलियों को बचाया जाएगा, कुल १४४,००० के लिए इस्राएल के बारह गोत्रों में से प्रत्येक से १२,०००। यह परमेश्वर के उस विशेष विधान के द्वारा पूरा होता है जिसके द्वारा अब्राहम के कुछ वंशज, जिनसे परमेश्वर प्रेम करता था, उद्धार पाएंगे। परमेश्वर उस प्रतिज्ञा को याद करता है जो उसने अब्राहम से की थी, और इसलिए इस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए, वह अब पानी और आत्मा के सुसमाचार को न केवल अन्यजातियों में, बल्कि इस्राएल के लोगों के लिए भी फैलाने देगा, जो अब्राहम की देह के वंशज हैं।
 
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                    <![CDATA[Ch23. प्रश्न और उत्तर]]>
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                    <![CDATA[<p>१) क्या अध्याय 7 में संख्या १,४४,००० वास्तव में इस्राएल के लोगों की संख्या है जो बचाए जाएंगे, या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक संख्या है?<br />अध्याय ७ में दिखाई देने वाली संख्या १४४,००० हमें वास्तव में बताती है कि अंत के समय में कितने इस्राएलियों को बचाया जाएगा, कुल १४४,००० के लिए इस्राएल के बारह गोत्रों में से प्रत्येक से १२,०००। यह परमेश्वर के उस विशेष विधान के द्वारा पूरा होता है जिसके द्वारा अब्राहम के कुछ वंशज, जिनसे परमेश्वर प्रेम करता था, उद्धार पाएंगे। परमेश्वर उस प्रतिज्ञा को याद करता है जो उसने अब्राहम से की थी, और इसलिए इस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए, वह अब पानी और आत्मा के सुसमाचार को न केवल अन्यजातियों में, बल्कि इस्राएल के लोगों के लिए भी फैलाने देगा, जो अब्राहम की देह के वंशज हैं।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[१) क्या अध्याय 7 में संख्या १,४४,००० वास्तव में इस्राएल के लोगों की संख्या है जो बचाए जाएंगे, या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक संख्या है?अध्याय ७ में दिखाई देने वाली संख्या १४४,००० हमें वास्तव में बताती है कि अंत के समय में कितने इस्राएलियों को बचाया जाएगा, कुल १४४,००० के लिए इस्राएल के बारह गोत्रों में से प्रत्येक से १२,०००। यह परमेश्वर के उस विशेष विधान के द्वारा पूरा होता है जिसके द्वारा अब्राहम के कुछ वंशज, जिनसे परमेश्वर प्रेम करता था, उद्धार पाएंगे। परमेश्वर उस प्रतिज्ञा को याद करता है जो उसने अब्राहम से की थी, और इसलिए इस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए, वह अब पानी और आत्मा के सुसमाचार को न केवल अन्यजातियों में, बल्कि इस्राएल के लोगों के लिए भी फैलाने देगा, जो अब्राहम की देह के वंशज हैं।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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