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        <title>मिलापवाला तम्बू (III): पानी और आत्मा के सुसमाचार का पूर्वचित्रण</title>
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        <description>हम मिलापवाले तम्बू में छिपे सत्य को कैसे ढूंढ सकते है? केवल पानी और आत्मा का सुसमाचार जानने के द्वारा, मिलापवाले तम्बू का सही मतलब हम ठीक से जान पाते है और इस प्रश्न के उत्तर को जान सकते है।
हकीकत में, नीले, बैंजनी और लाल रंग का कपड़ा और बटी हुई सनी का कपड़ा जो मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार में प्रगट होता है वह हमें नए नियम में यीशु मसीह के कार्य को दिखाते है जिसने मनुष्यजाति को बचाया था। इस तरह, पुराने नियम के मिलापवाले तम्बू के वचन और नए नियम के वचन बटी हुई सनी के कपड़े के जैसे आपस में मिलते जुलते है। लेकिन, दुर्भाग्यसे, मसीहियत में सत्य की खोज करनेवाले सारे लोगों से यह सत्य लम्बे समय तब छिपा हुआ था।
इस पृथ्वी पर आने के बाद, यीशु मसीह ने यूहन्ना से बपतिस्मा लिया उअर क्रूस पर अपना लहू बहाया। पानी और आत्मा के सुसमाचार को समझे और विश्वास किए बिना, हम में से कोई भी मिलापवाले तम्बू में प्रगट हुए सत्य को नहीं ढूंढ सकता। अब हमें मिलापवाले तम्बू के इस सत्य को सीखना चाहिए और उस पर विश्वास करना चाहिए। हम सभी को मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार पर के नीले, बैजनी, और लाल कपड़े और बटी जी सनी के कपड़े को समझना चाहिए और विश्वास करना चाहिए।</description>
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        <copyright>Copyright © 2021 by Hephzibah Publishing House</copyright>
        
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हकीकत में, नीले, बैंजनी और लाल रंग का कपड़ा और बटी हुई सनी का कपड़ा जो मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार में प्रगट होता है वह हमें नए नियम में यीशु मसीह के कार्य को दिखाते है जिसने मनुष्यजाति को बचाया था। इस तरह, पुराने नियम के मिलापवाले तम्बू के वचन और नए नियम के वचन बटी हुई सनी के कपड़े के जैसे आपस में मिलते जुलते है। लेकिन, दुर्भाग्यसे, मसीहियत में सत्य की खोज करनेवाले सारे लोगों से यह सत्य लम्बे समय तब छिपा हुआ था।
इस पृथ्वी पर आने के बाद, यीशु मसीह ने यूहन्ना से बपतिस्मा लिया उअर क्रूस पर अपना लहू बहाया। पानी और आत्मा के सुसमाचार को समझे और विश्वास किए बिना, हम में से कोई भी मिलापवाले तम्बू में प्रगट हुए सत्य को नहीं ढूंढ सकता। अब हमें मिलापवाले तम्बू के इस सत्य को सीखना चाहिए और उस पर विश्वास करना चाहिए। हम सभी को मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार पर के नीले, बैजनी, और लाल कपड़े और बटी जी सनी के कपड़े को समझना चाहिए और विश्वास करना चाहिए।</itunes:subtitle>
        <itunes:author>The New Life Mission</itunes:author>
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हकीकत में, नीले, बैंजनी और लाल रंग का कपड़ा और बटी हुई सनी का कपड़ा जो मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार में प्रगट होता है वह हमें नए नियम में यीशु मसीह के कार्य को दिखाते है जिसने मनुष्यजाति को बचाया था। इस तरह, पुराने नियम के मिलापवाले तम्बू के वचन और नए नियम के वचन बटी हुई सनी के कपड़े के जैसे आपस में मिलते जुलते है। लेकिन, दुर्भाग्यसे, मसीहियत में सत्य की खोज करनेवाले सारे लोगों से यह सत्य लम्बे समय तब छिपा हुआ था।
इस पृथ्वी पर आने के बाद, यीशु मसीह ने यूहन्ना से बपतिस्मा लिया उअर क्रूस पर अपना लहू बहाया। पानी और आत्मा के सुसमाचार को समझे और विश्वास किए बिना, हम में से कोई भी मिलापवाले तम्बू में प्रगट हुए सत्य को नहीं ढूंढ सकता। अब हमें मिलापवाले तम्बू के इस सत्य को सीखना चाहिए और उस पर विश्वास करना चाहिए। हम सभी को मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार पर के नीले, बैजनी, और लाल कपड़े और बटी जी सनी के कपड़े को समझना चाहिए और विश्वास करना चाहिए।</itunes:summary>
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            <itunes:name>The New Life Mission</itunes:name>
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                <title>
                    <![CDATA[1. पापियों का उद्धार मिलापवाले तम्बू में प्रगट हुआ (निर्गमन २७:९-२१)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:44:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>समकोणीय मिलापवाले तम्बू के आँगन की बाड़ लम्बाई में १०० हाथ की थी। बाइबल में, एक हाथ की लम्बाई मतलब व्यक्ति के कोहनी से उसके हाथ की ऊँगली के छोर तक की लम्बाई, तक़रीबन आज के ४५ सेंटीमीटर। उसी रूप से, मिलापवाले तम्बू के आँगन के बाड़े की लम्बाई १०० हाथ थी मतलब की वह ४५ मीटर थी, और उसकी चौड़ाई ५० हाथ यानी की तक़रीबन २२.५ मीटर थी चौड़ी थी। यह घर का नाप था जिसमे पुराने नियम के समय में परमेश्वर इस्राएल के लोगों के बिच में निवास करता था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[समकोणीय मिलापवाले तम्बू के आँगन की बाड़ लम्बाई में १०० हाथ की थी। बाइबल में, एक हाथ की लम्बाई मतलब व्यक्ति के कोहनी से उसके हाथ की ऊँगली के छोर तक की लम्बाई, तक़रीबन आज के ४५ सेंटीमीटर। उसी रूप से, मिलापवाले तम्बू के आँगन के बाड़े की लम्बाई १०० हाथ थी मतलब की वह ४५ मीटर थी, और उसकी चौड़ाई ५० हाथ यानी की तक़रीबन २२.५ मीटर थी चौड़ी थी। यह घर का नाप था जिसमे पुराने नियम के समय में परमेश्वर इस्राएल के लोगों के बिच में निवास करता था।
 
https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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                                            <![CDATA[<p>यह भाग मिलापवाले तम्बू के आँगन के खम्भे, परदे, लटकते हुए सफ़ेद बटी हुई सनी के कपड़े, पट्टिया, कुण्डी, पीतल की कुर्सियां, और पीतल के कुंडे को दर्शाता है। तम्बू वो जगह है जहाँ परमेश्वर निवास करता है। समकोणीय आँगन का नाप तक़रीबन ४५ मीटर (उत्तर और दक्षिण की ओर) से २२.५ मीटर (पूर्व और पश्चिम की ओर) था। मिलापवाला तम्बू अपने आप में छोटा सा ढाँचा था जिसकी छत चार आवरणों से बनाई गई थी। इसके विपरीत मिलापवाले तम्बू का आँगन खुले मैदान की तरह बड़ा था। <br />आँगन के खम्भों की ऊँचाई २.२५ मीटर, और उसके बाड़े को लकड़ी के ६० खम्भे और द्वार को छोड़ तीनो ओर बटी हुई सनी के लटकते हुए कपड़े से बनाया गया था। बाड़े को इन लकड़ी के खम्भों से बनाया गया था, उसके ऊपर चाँदी के कुंडे और पीतल की किर्सिया लगाईं गई थी। चाँदी के कुंडे के ऊपर चाँदी के दो खूंटे लगाए गए थे, और प्रत्येक खम्भे के सहारे के लिए इन खूंटो के साथ चाँदी की पट्टियों को जोड़ा गया था। भूमि पर पीतल के खूंटों के साथ इन चाँदी की पट्टियों को जोड़ा गया था, इस तरह खम्भों को सुरक्षित किया गया था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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https://www.bjnewlife.org/ https://youtube.com/@TheNewLifeMission https://www.facebook.com/shin.john.35 ]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[यह भाग मिलापवाले तम्बू के आँगन के खम्भे, परदे, लटकते हुए सफ़ेद बटी हुई सनी के कपड़े, पट्टिया, कुण्डी, पीतल की कुर्सियां, और पीतल के कुंडे को दर्शाता है। तम्बू वो जगह है जहाँ परमेश्वर निवास करता है। समकोणीय आँगन का नाप तक़रीबन ४५ मीटर (उत्तर और दक्षिण की ओर) से २२.५ मीटर (पूर्व और पश्चिम की ओर) था। मिलापवाला तम्बू अपने आप में छोटा सा ढाँचा था जिसकी छत चार आवरणों से बनाई गई थी। इसके विपरीत मिलापवाले तम्बू का आँगन खुले मैदान की तरह बड़ा था। आँगन के खम्भों की ऊँचाई २.२५ मीटर, और उसके बाड़े को लकड़ी के ६० खम्भे और द्वार को छोड़ तीनो ओर बटी हुई सनी के लटकते हुए कपड़े से बनाया गया था। बाड़े को इन लकड़ी के खम्भों से बनाया गया था, उसके ऊपर चाँदी के कुंडे और पीतल की किर्सिया लगाईं गई थी। चाँदी के कुंडे के ऊपर चाँदी के दो खूंटे लगाए गए थे, और प्रत्येक खम्भे के सहारे के लिए इन खूंटो के साथ चाँदी की पट्टियों को जोड़ा गया था। भूमि पर पीतल के खूंटों के साथ इन चाँदी की पट्टियों को जोड़ा गया था, इस तरह खम्भों को सुरक्षित किया गया था।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
                </itunes:author>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[4. धूप वेदी वो स्थान था जहाँ परमेश्वर अपना अनुग्रह प्रदान करता था (निर्गमन ३०:१-१०)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:41:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>यदि हम पवित्र स्थान यानी की परमेश्वर के घर के अन्दर कदम रखते तो सबसे पहले हम दीवट, भेंट की रोटी की मेज, और धूप वेदी को देखते। धूप वेदी को परमपवित्र स्थान के प्रवेश द्वार के सामने रखा गया था, जहाँ प्रायश्चित का ढकना था, दीवट और भेंट की रोटी की मेज के पास। इस धूप वेदी की लम्बाई और चौड़ाई दोनों एक हाथ थी, जब की उसकी ऊँचाई दो हाथ थी। बाइबल के अन्दर, एक हाथ का मतलब तक़रीबन आज के समय के ४५-४० सेंटीमीटर। इसलिए धूप वेदी कुछ हद तक छोटा समकोणीय थी, जिसका नाप तक़रीबन ५० सेंटीमीटर लंबा और चौड़ा और उंचाई १०० सेंटीमीटर थी। और होमबलि की वेदी की तरह, धूप वेदी के चारों कौनो पर सींग लगे हुए थे। बबूल की लकड़ी से बनी धूप वेदी पूरी तरह से सोने से मढ़ी हुई थी।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
                                    </description>
                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[यदि हम पवित्र स्थान यानी की परमेश्वर के घर के अन्दर कदम रखते तो सबसे पहले हम दीवट, भेंट की रोटी की मेज, और धूप वेदी को देखते। धूप वेदी को परमपवित्र स्थान के प्रवेश द्वार के सामने रखा गया था, जहाँ प्रायश्चित का ढकना था, दीवट और भेंट की रोटी की मेज के पास। इस धूप वेदी की लम्बाई और चौड़ाई दोनों एक हाथ थी, जब की उसकी ऊँचाई दो हाथ थी। बाइबल के अन्दर, एक हाथ का मतलब तक़रीबन आज के समय के ४५-४० सेंटीमीटर। इसलिए धूप वेदी कुछ हद तक छोटा समकोणीय थी, जिसका नाप तक़रीबन ५० सेंटीमीटर लंबा और चौड़ा और उंचाई १०० सेंटीमीटर थी। और होमबलि की वेदी की तरह, धूप वेदी के चारों कौनो पर सींग लगे हुए थे। बबूल की लकड़ी से बनी धूप वेदी पूरी तरह से सोने से मढ़ी हुई थी।
 
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                </itunes:subtitle>
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                    <![CDATA[4. धूप वेदी वो स्थान था जहाँ परमेश्वर अपना अनुग्रह प्रदान करता था (निर्गमन ३०:१-१०)]]>
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                    <![CDATA[<p>यदि हम पवित्र स्थान यानी की परमेश्वर के घर के अन्दर कदम रखते तो सबसे पहले हम दीवट, भेंट की रोटी की मेज, और धूप वेदी को देखते। धूप वेदी को परमपवित्र स्थान के प्रवेश द्वार के सामने रखा गया था, जहाँ प्रायश्चित का ढकना था, दीवट और भेंट की रोटी की मेज के पास। इस धूप वेदी की लम्बाई और चौड़ाई दोनों एक हाथ थी, जब की उसकी ऊँचाई दो हाथ थी। बाइबल के अन्दर, एक हाथ का मतलब तक़रीबन आज के समय के ४५-४० सेंटीमीटर। इसलिए धूप वेदी कुछ हद तक छोटा समकोणीय थी, जिसका नाप तक़रीबन ५० सेंटीमीटर लंबा और चौड़ा और उंचाई १०० सेंटीमीटर थी। और होमबलि की वेदी की तरह, धूप वेदी के चारों कौनो पर सींग लगे हुए थे। बबूल की लकड़ी से बनी धूप वेदी पूरी तरह से सोने से मढ़ी हुई थी।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <![CDATA[3. होमबलि की वेदी बबूल की लकड़ी से बनी थी और सोने से मढ़ी गई थी (निर्गमन ३८:१-७)]]>
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                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:41:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>इस्राएल के लोगों के बिच में से किसी भी पापी को अपने पापों के लिए, तम्बू के पास बलिदान का अर्पण लाना पड़ता था, उसके सिर पर अपने हाथ रखने के द्वारा अपने पापों को उसके ऊपर डालना पड़ता था, उसका लहू बहाना पड़ता था, और फिर उस लहू को याजक को सोंपना पड़ता था। फिर सेवा करनेवाला याजक बलिदान के इस लहू को होमबलि की वेदी के सींगो पर छिड़कता था, उसकी चरबी और मांस को वेदी पर रखता था, और फिर परमेश्वर के लिए सुंगध के रूप में उसे आग से जलाता था। यहाँ तक की महायाजक को भी अपने पापों की माफ़ी पाने के लिए होमबलि की वेदी के सामने बलिदान के सिर पर अपने हाथ रखने पड़ते थे और अपने पाप उसके ऊपर डालने पड़ते थे। यह प्रायश्चित का बलिदान था जो होमबलि की वेदी पर चढ़ाया जाता था जिसे बबूल की लकड़ी से बनाया गया था और पीतल से मढा गया था, और पापों की माफ़ी का यह बलिदान केवल हाथ रखने और लहू बहाने के द्वारा ही चढ़ाया जाता था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[इस्राएल के लोगों के बिच में से किसी भी पापी को अपने पापों के लिए, तम्बू के पास बलिदान का अर्पण लाना पड़ता था, उसके सिर पर अपने हाथ रखने के द्वारा अपने पापों को उसके ऊपर डालना पड़ता था, उसका लहू बहाना पड़ता था, और फिर उस लहू को याजक को सोंपना पड़ता था। फिर सेवा करनेवाला याजक बलिदान के इस लहू को होमबलि की वेदी के सींगो पर छिड़कता था, उसकी चरबी और मांस को वेदी पर रखता था, और फिर परमेश्वर के लिए सुंगध के रूप में उसे आग से जलाता था। यहाँ तक की महायाजक को भी अपने पापों की माफ़ी पाने के लिए होमबलि की वेदी के सामने बलिदान के सिर पर अपने हाथ रखने पड़ते थे और अपने पाप उसके ऊपर डालने पड़ते थे। यह प्रायश्चित का बलिदान था जो होमबलि की वेदी पर चढ़ाया जाता था जिसे बबूल की लकड़ी से बनाया गया था और पीतल से मढा गया था, और पापों की माफ़ी का यह बलिदान केवल हाथ रखने और लहू बहाने के द्वारा ही चढ़ाया जाता था।
 
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                    <![CDATA[3. होमबलि की वेदी बबूल की लकड़ी से बनी थी और सोने से मढ़ी गई थी (निर्गमन ३८:१-७)]]>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[इस्राएल के लोगों के बिच में से किसी भी पापी को अपने पापों के लिए, तम्बू के पास बलिदान का अर्पण लाना पड़ता था, उसके सिर पर अपने हाथ रखने के द्वारा अपने पापों को उसके ऊपर डालना पड़ता था, उसका लहू बहाना पड़ता था, और फिर उस लहू को याजक को सोंपना पड़ता था। फिर सेवा करनेवाला याजक बलिदान के इस लहू को होमबलि की वेदी के सींगो पर छिड़कता था, उसकी चरबी और मांस को वेदी पर रखता था, और फिर परमेश्वर के लिए सुंगध के रूप में उसे आग से जलाता था। यहाँ तक की महायाजक को भी अपने पापों की माफ़ी पाने के लिए होमबलि की वेदी के सामने बलिदान के सिर पर अपने हाथ रखने पड़ते थे और अपने पाप उसके ऊपर डालने पड़ते थे। यह प्रायश्चित का बलिदान था जो होमबलि की वेदी पर चढ़ाया जाता था जिसे बबूल की लकड़ी से बनाया गया था और पीतल से मढा गया था, और पापों की माफ़ी का यह बलिदान केवल हाथ रखने और लहू बहाने के द्वारा ही चढ़ाया जाता था।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <![CDATA[6. प्रायश्चित का ढकना (निर्गमन २५:१०-२२)]]>
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                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:40:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>मिलापवाले तम्बू का अन्दर का भाग मुख्य दो भागों में बटा हुआ था: पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान। उन दोनों को अलग करने के लिए बिच में एक पर्दा लटकाया गया था, और साक्षी के संदूक को इस परदे के पीछे परमपवित्र स्थान में रखा गया था। संदूक के ढकने को प्रायश्चित का ढकना भी कहा जाता है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[मिलापवाले तम्बू का अन्दर का भाग मुख्य दो भागों में बटा हुआ था: पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान। उन दोनों को अलग करने के लिए बिच में एक पर्दा लटकाया गया था, और साक्षी के संदूक को इस परदे के पीछे परमपवित्र स्थान में रखा गया था। संदूक के ढकने को प्रायश्चित का ढकना भी कहा जाता है।
 
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                    <![CDATA[<p>मिलापवाले तम्बू का अन्दर का भाग मुख्य दो भागों में बटा हुआ था: पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान। उन दोनों को अलग करने के लिए बिच में एक पर्दा लटकाया गया था, और साक्षी के संदूक को इस परदे के पीछे परमपवित्र स्थान में रखा गया था। संदूक के ढकने को प्रायश्चित का ढकना भी कहा जाता है।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[मिलापवाले तम्बू का अन्दर का भाग मुख्य दो भागों में बटा हुआ था: पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान। उन दोनों को अलग करने के लिए बिच में एक पर्दा लटकाया गया था, और साक्षी के संदूक को इस परदे के पीछे परमपवित्र स्थान में रखा गया था। संदूक के ढकने को प्रायश्चित का ढकना भी कहा जाता है।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[5. मिलापवाले तम्बू के लिए इस्तेमाल हुई चाँदी की कुर्सियों का आत्मिक महत्त्व (निर्गमन २६:१५-३०)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:40:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>तम्बू के पटिए जहाँ परमेश्वर निवास करता था वह सोने से मढ़े हुए थे। तम्बू के प्रत्येक पटिए को सीधे खड़े रखने के लिए, परमेश्वर ने मूसा को दो चाँदी की कुर्सियां बनाने के लिए कहा था। प्रत्येक पटिए के निचे दो चाँदी की कुर्सियां लगाने का आत्मिक मतलब निम्नलिखित है। बाइबल में, सोना विश्वास को दर्शाता है जो कभी भी बदलता नहीं है। इन कुर्सियों को सोने से मढ़े पटिए के निचे लगाईं जाति थी जिसका मतलब है की परमेश्वर ने हमें दो उपहार दिए है जो हमारे उद्धार की निश्चितता देता है। दुसरे शब्दों में, उसका मतलब है की यीशु ने बपतिस्मा लेकर और अपना लहू बहाकर हमारे उद्धार को परिपूर्ण किया।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[तम्बू के पटिए जहाँ परमेश्वर निवास करता था वह सोने से मढ़े हुए थे। तम्बू के प्रत्येक पटिए को सीधे खड़े रखने के लिए, परमेश्वर ने मूसा को दो चाँदी की कुर्सियां बनाने के लिए कहा था। प्रत्येक पटिए के निचे दो चाँदी की कुर्सियां लगाने का आत्मिक मतलब निम्नलिखित है। बाइबल में, सोना विश्वास को दर्शाता है जो कभी भी बदलता नहीं है। इन कुर्सियों को सोने से मढ़े पटिए के निचे लगाईं जाति थी जिसका मतलब है की परमेश्वर ने हमें दो उपहार दिए है जो हमारे उद्धार की निश्चितता देता है। दुसरे शब्दों में, उसका मतलब है की यीशु ने बपतिस्मा लेकर और अपना लहू बहाकर हमारे उद्धार को परिपूर्ण किया।
 
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                </itunes:subtitle>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <title>
                    <![CDATA[7. पानी और आत्मा के सुसमाचार के लिए गाँठ (निर्गमन २५:३१-४०)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:39:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>यह भाग तम्बू के दीवट का वर्णन करता है। आज मैं पुष्पकोश, फूल और दीपक के आत्मिक मतलब का वर्णन करूंगा। परमेश्वर ने सबसे पहले मूसा को सोने से दीवट की डंडिया बनाने का आदेश दिया था। इसलिए पहले डंडियों को बनाया गया, और फिर इन डंडियों से डालियों को बनाया गया। दीवट की प्रत्येक बाजू से तिन डालियाँ निकलती थी, और प्रत्येक डालियों पर बादाम के फूल के समान तिन पुष्पकोश बने थे, और फिर गांठ और फूल बनाए गए। इस तरह, डालियों के ऊपर सात दीपक को रखे गए थे। फिर उजियाला करने के लिए इन दीपकों के अन्दर तेल डाला गया। इस प्रकार दीवट पवित्र स्थान के अन्दर के भाग को और सारे पात्र को प्रकाशित करता था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[यह भाग तम्बू के दीवट का वर्णन करता है। आज मैं पुष्पकोश, फूल और दीपक के आत्मिक मतलब का वर्णन करूंगा। परमेश्वर ने सबसे पहले मूसा को सोने से दीवट की डंडिया बनाने का आदेश दिया था। इसलिए पहले डंडियों को बनाया गया, और फिर इन डंडियों से डालियों को बनाया गया। दीवट की प्रत्येक बाजू से तिन डालियाँ निकलती थी, और प्रत्येक डालियों पर बादाम के फूल के समान तिन पुष्पकोश बने थे, और फिर गांठ और फूल बनाए गए। इस तरह, डालियों के ऊपर सात दीपक को रखे गए थे। फिर उजियाला करने के लिए इन दीपकों के अन्दर तेल डाला गया। इस प्रकार दीवट पवित्र स्थान के अन्दर के भाग को और सारे पात्र को प्रकाशित करता था।
 
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                </itunes:subtitle>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <title>
                    <![CDATA[9. यहोवा के लिए पवित्र (निर्गमन २८:३६-४३)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:38:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>निर्गमन २८:३६ कहता है, “फिर चोखे सोने की एक पट्टी बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उसमें ये अक्षर खोदे जाएँ, अर्थात् ‘यहोवा के लिये पवित्र।’” इस पट्टी को नीले फीते से बाँधा गया था ताकि वह पगड़ी से गिरे नहीं।<br />परमेश्वर हमें महायाजक की पगड़ी से क्या दिखाना चाहते है? पगड़ी और उसके आभूषण दर्शाते है की यीशु मसीह ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से बपतिस्मा लेने के द्वारा हमारे सारे पापों को अपने ऊपर उठा लिए और इस प्रकार हमारे सारे पापों को साफ़ किया।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[निर्गमन २८:३६ कहता है, “फिर चोखे सोने की एक पट्टी बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उसमें ये अक्षर खोदे जाएँ, अर्थात् ‘यहोवा के लिये पवित्र।’” इस पट्टी को नीले फीते से बाँधा गया था ताकि वह पगड़ी से गिरे नहीं।परमेश्वर हमें महायाजक की पगड़ी से क्या दिखाना चाहते है? पगड़ी और उसके आभूषण दर्शाते है की यीशु मसीह ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से बपतिस्मा लेने के द्वारा हमारे सारे पापों को अपने ऊपर उठा लिए और इस प्रकार हमारे सारे पापों को साफ़ किया।
 
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                </itunes:subtitle>
                                    <itunes:episodeType>full</itunes:episodeType>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[निर्गमन २८:३६ कहता है, “फिर चोखे सोने की एक पट्टी बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उसमें ये अक्षर खोदे जाएँ, अर्थात् ‘यहोवा के लिये पवित्र।’” इस पट्टी को नीले फीते से बाँधा गया था ताकि वह पगड़ी से गिरे नहीं।परमेश्वर हमें महायाजक की पगड़ी से क्या दिखाना चाहते है? पगड़ी और उसके आभूषण दर्शाते है की यीशु मसीह ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से बपतिस्मा लेने के द्वारा हमारे सारे पापों को अपने ऊपर उठा लिए और इस प्रकार हमारे सारे पापों को साफ़ किया।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
                </itunes:author>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[8. महायाजक के वस्त्र में छिपा आत्मिक महत्त्व (निर्गमन २८:१-४३)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:38:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>आज हम महायाजक के वस्त्र में छिपे आत्मिक अर्थ को देखेंगे। यह वस्त्र हारून और उसके बेटों को पहनने के लिए थे। महायाजक के वस्त्र के द्वारा हम विश्वास से परमेश्वर की योजना को समझ सकते है जिसने हमें पापों से बचाया है।<br />परमेश्वर ने मूसा को आदेश दिया की वह अपने भाई हारून और हारून के बेटों को अभिषेक करे की वे परमेश्वर के याजक के रूप में सेवकाई कर सके। और परमेश्वर ने मूसा को यह आदेश भी दिया की वह परमेश्वर के द्वारा दिखाए गए निर्देश के अनुसार उनके वस्त्र बनाए।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[आज हम महायाजक के वस्त्र में छिपे आत्मिक अर्थ को देखेंगे। यह वस्त्र हारून और उसके बेटों को पहनने के लिए थे। महायाजक के वस्त्र के द्वारा हम विश्वास से परमेश्वर की योजना को समझ सकते है जिसने हमें पापों से बचाया है।परमेश्वर ने मूसा को आदेश दिया की वह अपने भाई हारून और हारून के बेटों को अभिषेक करे की वे परमेश्वर के याजक के रूप में सेवकाई कर सके। और परमेश्वर ने मूसा को यह आदेश भी दिया की वह परमेश्वर के द्वारा दिखाए गए निर्देश के अनुसार उनके वस्त्र बनाए।
 
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[11. महायाजक के अभिषेक के लिए पापबलि (निर्गमन २९:१-१४)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:37:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                <description>
                                            <![CDATA[<p>आज हम महायाजक के अभिषेक के बारे में देखेंगे। यहाँ परमेश्वर ने मूसा को हारून और उसके बेटों को किस रीति से अभिषेक करना है वह विस्तारपूर्वक बताया है। वचन ९ में लिखे ‘पवित्र करना’ शब्द का मतलब यहाँ अलग करना, तैयार करना, समर्पित करना, या सन्मानित करना है। दुसरे शब्दों में, अभिषेक का मतलब है की पवित्र होना और परमेश्वर को समर्पित होना। इसलिए, “महायाजक के रूप में अभिषेक पाना” मतलब “महायाजक का अधिकार और काम देने के लिए अलग करना”। परमेश्वर ने हारून और उसके बेटों को महायाजक और याजकीय पद का अधिकार दिया, जो उन्हें अपने लोगों के लिए पापों की माफ़ी प्रस्तुत करने के लिए योग्य बनाता था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[आज हम महायाजक के अभिषेक के बारे में देखेंगे। यहाँ परमेश्वर ने मूसा को हारून और उसके बेटों को किस रीति से अभिषेक करना है वह विस्तारपूर्वक बताया है। वचन ९ में लिखे ‘पवित्र करना’ शब्द का मतलब यहाँ अलग करना, तैयार करना, समर्पित करना, या सन्मानित करना है। दुसरे शब्दों में, अभिषेक का मतलब है की पवित्र होना और परमेश्वर को समर्पित होना। इसलिए, “महायाजक के रूप में अभिषेक पाना” मतलब “महायाजक का अधिकार और काम देने के लिए अलग करना”। परमेश्वर ने हारून और उसके बेटों को महायाजक और याजकीय पद का अधिकार दिया, जो उन्हें अपने लोगों के लिए पापों की माफ़ी प्रस्तुत करने के लिए योग्य बनाता था।
 
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                </itunes:subtitle>
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                    <![CDATA[10. न्याय की चपरास (निर्गमन २८:१५-३०)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:37:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>आइए अब हम हमारे ध्यान को चपरास की ओर लगाते है जिसके द्वारा महायाजक इस्राएल के लोगों का न्याय करता था। उपरका भाग हमें कहता है की न्याय की चपरास को कपड़े से चौकोर और दोहरे नाप से बनाया था और उसकी लम्बाई और चौड़ाई एक एक बित्ते की थी। इस कपड़े को सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े को एकसाथ मिलाकर बुना गया था। इस कपड़े के ऊपर चार पंक्ति में बारह कीमती मणि लगाए गए थे। परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा था की वह उरीम और तुम्मीम को भी न्याय की चपरास पर लगाए। यहाँ उरीम और तुम्मीम का मतलब है ‘प्रकाश और संपूर्णता।’</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[आइए अब हम हमारे ध्यान को चपरास की ओर लगाते है जिसके द्वारा महायाजक इस्राएल के लोगों का न्याय करता था। उपरका भाग हमें कहता है की न्याय की चपरास को कपड़े से चौकोर और दोहरे नाप से बनाया था और उसकी लम्बाई और चौड़ाई एक एक बित्ते की थी। इस कपड़े को सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े को एकसाथ मिलाकर बुना गया था। इस कपड़े के ऊपर चार पंक्ति में बारह कीमती मणि लगाए गए थे। परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा था की वह उरीम और तुम्मीम को भी न्याय की चपरास पर लगाए। यहाँ उरीम और तुम्मीम का मतलब है ‘प्रकाश और संपूर्णता।’
 
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<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[आइए अब हम हमारे ध्यान को चपरास की ओर लगाते है जिसके द्वारा महायाजक इस्राएल के लोगों का न्याय करता था। उपरका भाग हमें कहता है की न्याय की चपरास को कपड़े से चौकोर और दोहरे नाप से बनाया था और उसकी लम्बाई और चौड़ाई एक एक बित्ते की थी। इस कपड़े को सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े को एकसाथ मिलाकर बुना गया था। इस कपड़े के ऊपर चार पंक्ति में बारह कीमती मणि लगाए गए थे। परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा था की वह उरीम और तुम्मीम को भी न्याय की चपरास पर लगाए। यहाँ उरीम और तुम्मीम का मतलब है ‘प्रकाश और संपूर्णता।’
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
                </itunes:author>
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                    <item>
                <title>
                    <![CDATA[12. महायाजक जिसने प्रायश्चित के दिन अर्पण चढ़ाया (लैव्यव्यवस्था १६:१-३४)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:36:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                    https://permalink.castos.com/podcast/49500/episode/1346096</guid>
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                                            <![CDATA[<p>वह महायाजक था जो प्रायश्चित के दिन इस्राएल के लोगों के लिए बलिदान अर्पण करता था। यह बलिदान इस्राएली पंचांग के मुताबिक़ साल में एक बार सातवे महीने के दसवे दिन दिया जाता था। उस दिन, जब महायाजक हारून इस्राएल के लोगों के स्थान पर उनके लिए अर्पण चढ़ाता था, तब वास्तव में उनके सारे अपराध इस बलिपशु के ऊपर चले जाते थे और शुध्ध हो जाते थे। इसलिए प्रायश्चित का दिन इस्राएल के लोगों के लिए एक बड़ा उत्सव बन गया।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                <itunes:subtitle>
                    <![CDATA[वह महायाजक था जो प्रायश्चित के दिन इस्राएल के लोगों के लिए बलिदान अर्पण करता था। यह बलिदान इस्राएली पंचांग के मुताबिक़ साल में एक बार सातवे महीने के दसवे दिन दिया जाता था। उस दिन, जब महायाजक हारून इस्राएल के लोगों के स्थान पर उनके लिए अर्पण चढ़ाता था, तब वास्तव में उनके सारे अपराध इस बलिपशु के ऊपर चले जाते थे और शुध्ध हो जाते थे। इसलिए प्रायश्चित का दिन इस्राएल के लोगों के लिए एक बड़ा उत्सव बन गया।
 
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                    <![CDATA[12. महायाजक जिसने प्रायश्चित के दिन अर्पण चढ़ाया (लैव्यव्यवस्था १६:१-३४)]]>
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<p> </p>
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                    <![CDATA[वह महायाजक था जो प्रायश्चित के दिन इस्राएल के लोगों के लिए बलिदान अर्पण करता था। यह बलिदान इस्राएली पंचांग के मुताबिक़ साल में एक बार सातवे महीने के दसवे दिन दिया जाता था। उस दिन, जब महायाजक हारून इस्राएल के लोगों के स्थान पर उनके लिए अर्पण चढ़ाता था, तब वास्तव में उनके सारे अपराध इस बलिपशु के ऊपर चले जाते थे और शुध्ध हो जाते थे। इसलिए प्रायश्चित का दिन इस्राएल के लोगों के लिए एक बड़ा उत्सव बन गया।
 
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                    <![CDATA[The New Life Mission]]>
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                <title>
                    <![CDATA[13. महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुई सामग्री (निर्गमन २८:१-१४)]]>
                </title>
                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 02:34:00 +0000</pubDate>
                <dc:creator>The New Life Mission</dc:creator>
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                                            <![CDATA[<p>आइए अब हम हमारा ध्यान महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए सामग्री की ओर लगाते है। महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले वस्त्रों में से एपोद अनूठा था। यह एपोद सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुना हुआ था। महायाजक का यह पवित्र वस्त्र निपुण कढ़ाई के काम करनेवाले के हाथों से बनाया गया था।<br />बाइबल में सोने का कपड़ा सच्चे विश्वास के बारे में बताता है। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ नीला कपड़ा मनुष्यजाति के पापों को उठाने के लिए यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से यीशु ने लिए हुए बपतिस्मा को दर्शाता है (मत्ती ३:१५)। बैंजनी कपड़ा राजाओं के राजा के बारे में बात करता है और लाल कपड़ा बलिदान के बारे में बात करता है जो यीशु मसीह ने मनुष्यजाति के पापों के दण्ड को सहने के लिए दिया था। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ सफ़ेद सनी का कपड़ा परमेश्वर की धार्मिकता को दर्शाता है की परमेश्वर ने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से प्रत्येक व्यक्ति के पापों को मिटाया था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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                    <![CDATA[आइए अब हम हमारा ध्यान महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए सामग्री की ओर लगाते है। महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले वस्त्रों में से एपोद अनूठा था। यह एपोद सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुना हुआ था। महायाजक का यह पवित्र वस्त्र निपुण कढ़ाई के काम करनेवाले के हाथों से बनाया गया था।बाइबल में सोने का कपड़ा सच्चे विश्वास के बारे में बताता है। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ नीला कपड़ा मनुष्यजाति के पापों को उठाने के लिए यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से यीशु ने लिए हुए बपतिस्मा को दर्शाता है (मत्ती ३:१५)। बैंजनी कपड़ा राजाओं के राजा के बारे में बात करता है और लाल कपड़ा बलिदान के बारे में बात करता है जो यीशु मसीह ने मनुष्यजाति के पापों के दण्ड को सहने के लिए दिया था। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ सफ़ेद सनी का कपड़ा परमेश्वर की धार्मिकता को दर्शाता है की परमेश्वर ने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से प्रत्येक व्यक्ति के पापों को मिटाया था।
 
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                    <![CDATA[<p>आइए अब हम हमारा ध्यान महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए सामग्री की ओर लगाते है। महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले वस्त्रों में से एपोद अनूठा था। यह एपोद सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुना हुआ था। महायाजक का यह पवित्र वस्त्र निपुण कढ़ाई के काम करनेवाले के हाथों से बनाया गया था।<br />बाइबल में सोने का कपड़ा सच्चे विश्वास के बारे में बताता है। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ नीला कपड़ा मनुष्यजाति के पापों को उठाने के लिए यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से यीशु ने लिए हुए बपतिस्मा को दर्शाता है (मत्ती ३:१५)। बैंजनी कपड़ा राजाओं के राजा के बारे में बात करता है और लाल कपड़ा बलिदान के बारे में बात करता है जो यीशु मसीह ने मनुष्यजाति के पापों के दण्ड को सहने के लिए दिया था। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ सफ़ेद सनी का कपड़ा परमेश्वर की धार्मिकता को दर्शाता है की परमेश्वर ने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से प्रत्येक व्यक्ति के पापों को मिटाया था।</p>
<p> </p>
<p><a href="https://www.bjnewlife.org/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.bjnewlife.org/ </a><br /><a href="https://youtube.com/@TheNewLifeMission" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://youtube.com/@TheNewLifeMission </a><br /><a href="https://www.facebook.com/shin.john.35" target="_blank" rel="noreferrer noopener">https://www.facebook.com/shin.john.35 </a></p>]]>
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